3 साल में सरकार को पेट्रोल-डीजल से जितनी कमाई, उससे अधिक निवेशकों के एक दिन में डूबे

Stock Market Updates: सोमवार को बाजार में इतनी बड़ी गिरावट आई कि निवेशकों में हाहाकार मच गया. केवल एक दिन में निवेशकों का करीब 9 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गया. यानी देखते ही देखते सोमवार को 9 लाख करोड़ रुपये डूब गए.

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शेयर बाजार में भूचाल शेयर बाजार में भूचाल

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 7:36 PM IST
  • शेयर बाजार में भारी गिरावट से निवेशक डरे
  • अप्रैल-2021 के बाद बाजार में सबसे बड़ी गिरावट

शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बीते डेढ़ साल का वक्त बेहतरीन रहा. लगातार इकोनॉमी (Economy) में गिरावट के बावजूद मार्च-2020 के बाद से शेयर बाजारों (Share Market) में तेजी देखी जा रही थी. इस दौरान निवेशकों का खूब पैसा बना, लेकिन अब लगता है कि शेयर बाजार के निवेशकों के 'अच्छे दिन' बीत चुके हैं. 

Stock Market Updates: दरअसल, सोमवार को बाजार में इतनी बड़ी गिरावट आई कि निवेशकों में हाहाकार मच गया. केवल एक दिन में निवेशकों का करीब 9 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गया. यानी देखते ही देखते सोमवार को 9 लाख करोड़ रुपये डूब गए. शेयर बाजार में अप्रैल-2021 के बाद ये सबसे बड़ी गिरावट थी. 

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निवेशकों में हाहाकार

कारोबार के आखिर में सेंसेक्स (Sensex) 2.09 फीसदी यानी 1189 अंक गिरकर 55,822 पर बंद हुआ. जबकि दोपहर करीब 1.02 बजे सेंसेक्स करीब 1,849 अंक या 3.24 फीसदी का गोता लगाकर 55,162.50 अंक पर पहुंच गया था. वहीं निफ्टी 371 गिरकर 16,614 पर बंद हुआ. 

दरअसल, पिछले हफ्ते केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि उसे पिछले तीन वित्त वर्षों के दौरान पेट्रोल और डीजल पर करों से लगभग 8.02 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई. सरकार को केवल 2020-21 के दौरान डीजल-पेट्रोल पर टैक्स से 3.71 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई. यानी सरकार को तीन वर्षों में पेट्रोल-डीजल से जितनी कमाई हुई, उससे ज्यादा पैसा सोमवार को निवेशकों का शेयर बाजार में डूब गया. 

चीन ने अप्रैल-2020 के बाद पहली बार सोमवार को लेंडिंग रेट में कटौती की, जिसके बाद ग्लोबल बाजार में और गिरावट हावी हो गया.  इसके अलावा ओमीक्रोन के बढ़ते मामलों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. ओमिक्रॉन (Omicron) के बढ़ते खतरे के बीच विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं. 

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सभी सेक्टर्स में बिकवाली
इस बीच सरकार कंपनी हो, या फिर प्राइवेट सभी के शेयरों में बिकवाली हावी है. बाजार में यह गिरावट कब थमेगी, इसको लेकर अनिश्चितता बढ़ती जा रही है. पिछले साल मार्च में आई भारी गिरावट के बाद निवेशकों को इस भूचाल सामना नहीं हुआ था, अप्रैल-2020 से शेयर बाजार में एकतरफा रैली देखी गई. लगातार तेजी पर बेक्र अक्टूबर-2021 में लगा. 19 अक्टूबर-2021 को सेंसेक्स 62 हजार के करीब पहुंचा था, वहीं निफ्टी ने 16600 के स्तर को पार किया था. लेकिन उसके बाद से बाजार लगातार गिर रहा है. 

19 अक्टूबर से बाजार में गिरावट जारी 

निफ्टी अपने उच्चतम स्तर से करीब 2200 अंक टूट चुका है. जबकि सेंसेक्स में 7000 अंकों का कट लग चुका है. गौरतलब है कि पिछले करीब डेढ़ साल के दरम्यान रिटेल निवेशक तेजी से बाजार से जुडे़ हैं. लेकिन अब इस गिरावट से वे परेशान हैं. हर रोज निवेशकों को भारी नुकसान हो रहा है. 

एशियन मार्केट के साथ-साथ यूरोप के मार्केट में भी गिरावट हावी है. वहीं भारतीय बाजार में इस महीने FPI अब तक बिकवाल बने हुए हैं. एफपीआई ने 26,687.46 करोड़ रुपये की इक्विटी की बिक्री की है. एफपीआई ने सिर्फ बीते सप्ताह में ही 10,452.27 करोड़ रुपये की बिकवाली कर दी. दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशक खरीदार बने हुए हैं. डीआईआई ने पिछले सप्ताह 6,341.14 करोड़ रुपये और इस महीने अब तक 20,041.94 करोड़ रुपये की खरीदारी की है.

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