बीते सप्ताह Stock Market में लगातार गिरावट देखने को मिली था और अच्छा ही है कि सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार बंद है, क्योंकि विदेशी शेयर बाजार में कोहराम मचा हुआ है और ये निगेटिव सिग्नल सेंसेक्स-निफ्टी पर भी असर डालते नजर आते. भारतीय बाजार के लिए प्रमुख संकेतक माना जाने वाला गिफ्ट निफ्टी भी अपनी शुरुआत के बाद से ही लगातार सुस्ती में कारोबार कर रहा है. तो वहीं जापान, साउथ कोरिया से लेकर पाकिस्तान तक के शेयर बाजारों में कोहराम मचा हुआ है और इनके प्रमुख इंडेक्स धड़ाम नजर आ रहे हैं.
भारत में बंद क्यों शेयर बाजार?
सबसे पहले बताते हैं कि आखिर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार बंद क्यों है. तो बीएसई और एनएसई स्टॉक मार्केट हॉलिडे लिस्ट के मुताबिक, 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के मौके पर एक्सचेंज बंद हैं. इस दौरान इक्विटी (शेयर), इक्विटी डेरिवेटिव और करेंसी सेगमेंट में कोई कामकाज नहीं हो रहा. कमोडिटी मार्केट की बात करें, तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सुबह के सेशन की ट्रेडिंग बंद है, लेकिन शाम 5 बजे से सामान्य रूप से होगी. इस तरह से इस हफ्ते Share Market में चार कारोबारी दिन हैं.
बीते सप्ताह शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स में तेज गिरावट देखने को मिली थी. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty-50 पूरे सप्ताह के दौरान 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट में रहा था. तो वहीं बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स पांच कारोबारी दिनों में 2.27% फिसला था.
Japan से कोरिया तक भूचाल
अब बताते हैं कि आखिर क्यों भारतीय शेयर बाजार का सोमवार को बंद होना निवेशकों के लिए राहत भरा है. दरअसल, सप्ताह का पहला करोबारी दिन दुनिया के तमाम बाजारों, दरअसल ज्यादातर एशियाई शेयर बाजारों में पैसे लगाने वालों के लिए बेहद खराब साबित हो रहा है. एक ओर जहां जापान के निक्कई में तेज गिरावट देखने को मिल रही है, तो वहीं पाकिस्तान का शेयर मार्केट भी क्रैश (Pakistan Stock Market Crash) नजर आ रहा है.
Japan Nikkei इंडेक्स खराब शुरुआत करने के बाद खबर लिखे जाने तक 500 अंक से ज्यादा टूटकर 63,492 पर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा साउथ कोरिया का KOSPI 250 अंक से ज्यादा फिसलकर 6684 पर कारोबार करता नजर आया. सिर्फ इतना ही नहीं Taiwan Stock Market 322 अंक की बड़ी गिरावट देखने को मिली है. अगर बात पाकिस्तान शेयर बाजार की करें, तो Karachi 100 (KSE) करीब 188 अंकों की तगड़ी गिरावट में नजर आया.
शेयर बाजारों में कोहराम की वजह क्या?
ज्यादातर विदेशी शेयर बाजार में मचे इस कोरहाम की वजह देखें, तो मिडिल ईस्ट से जुड़ी हुई है. दरअसल, अमेरिका-ईरान में तनातनी बढ़ने के साथ ही होर्मुज के पूरी तरह खुलने की उम्मीद हाल-फिलहाल कम नजर आ रही है. उधर हूती विद्रोही बाब-अल-मंदेब पर कब्जा जमाते दिखाई दे रहे हैं. सऊदी अरब की तेल पाइपलाइन बंद हो गई है.
इन सबके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर से आग लगी हुई नजर आ रही है. खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड की कीमत 108 डॉलर प्रति बैरल, WTI क्रूड की कीमत 104 डॉलर प्रति बैरल और मर्बन क्रूड की कीमत 120 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रही है. इससे दुनिया के तमाम तेल आयात पर निर्भर देशों में महंगाई बढ़ने के जोखिम में उछाल आया है और शेयर बाजारों का सेंटीमेंट गड़बड़ा गया है.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क