सरकार का ऑनलाइन शॉपिंग में 'डार्क पैटर्न' पर एक्शन, Zepto, IndiGo, PW समेत 9 प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई

ऑनलाइन शॉपिंग और फूड डिलीवरी के दौरान ग्राहकों से बिना अनुमति हिडन चार्ज, डोनेशन या मेंबरशिप जोड़ने जैसी 'डार्क पैटर्न' प्रैक्टिस पर केंद्र सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है. CCPA ने Zepto, PhysicsWallah, IndiGo समेत 9 डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई की है.

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सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने हिडन चार्जेज और दूसरे डार्क पैटर्न को लेकर 9 ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई की. (Photo: X) सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने हिडन चार्जेज और दूसरे डार्क पैटर्न को लेकर 9 ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई की. (Photo: X)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 06 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:06 PM IST

केंद्र सरकार ने ऑनलाइन शॉपिंग या फूड ऑर्डर करने के दौरान कस्टमर्स से हिडन चार्जेज (Hidden Charges) वसूलने और बिना उसकी सहमति के डोनेशन या मेंबरशिप जोड़ने पर सख्ती बढ़ा दी है. सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने Zepto, PhysicsWallah, IndiGo समेत 9 डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई की है. सरकार ने राज्यसभा में बताया कि इन कंपनियों को इस तरह की ऑनलाइन प्रैक्टिस बंद करने के निर्देश दिए गए हैं.

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उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने संसद में लिखित जवाब में कहा कि डिजिटल मार्केटप्लेस में डार्क पैटर्न्स (Dark Patterns) के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डार्क पैटर्न गाइडलाइंस के उल्लंघन के मामलों में CCPA अब तक करीब 20 लाख रुपये का जुर्माना वसूल चुकी है. इसके अलावा जून 2025 में सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को सेल्फ ऑडिट कर ऐसे पैटर्न की पहचान करने और उन्हें हटाने के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई थी.

क्या हैं डार्क पैटर्न?

डार्क पैटर्न प्रिवेंशन एंड रेगुलेशन गाइडलाइंस, 2023 के तहत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर अपनाई जाने वाली 13 तरह की भ्रामक तरीकों की पहचान की गई है. इनका उद्देश्य ग्राहकों को भ्रमित करना या उनकी पसंद को प्रभावित करना माना जाता है. इनमें फॉल्स अर्जेंसी (False Urgency), बास्केट स्नीकिंग (Basket Sneaking), ड्रिप प्राइसिंग (Drip Pricing), सब्सक्रिप्शन ट्रैप (Subscription Trap), कन्फर्म शेमिंग (Confirm Shaming) और ट्रिक क्वेश्चन (Trick Question) जैसी प्रैक्टिस शामिल हैं.

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Zepto पर सबसे ज्यादा जुर्माना

सरकार के मुताबिक, Zepto Marketplace पर सबसे अधिक 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. जांच में पाया गया कि चेकआउट के दौरान ग्राहकों के बिल में हैंडलिंग चार्ज और मेंबरशिप फीस अपने आप जोड़ दी जाती थी. CCPA ने हैंडलिंग फीस को ड्रिप प्राइसिंग और ऑटोमैटिक मेंबरशिप को बास्केट स्नीकिंग की श्रेणी में माना. सरकार ने बताया कि कंपनी ने अब इन प्रैक्टिस को बंद कर दिया है.

PhysicsWallah पर भी कार्रवाई

PhysicsWallah पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. यह कार्रवाई CCPA द्वारा स्वत: संज्ञान लेने के बाद की गई. मामला PW Foundation के लिए पहले से चुने गए 10 रुपये के डोनेशन से जुड़ा था. जांच में पाया गया कि डोनेशन हटाने से रोकने के लिए यूजर्स को भावनात्मक संदेश दिखाए जा रहे थे. साथ ही कुछ फ्री कोर्सेज तक पहुंचने के लिए अनावश्यक निजी जानकारी भी मांगी जा रही थी. सरकार के अनुसार कंपनी ने जुर्माना जमा कर दिया है और इस तरह की प्रैक्टिस बंद कर दी हैं.

IndiGo और BookMyShow ने बदला सिस्टम

सरकार ने बताया कि IndiGo ने कन्फर्म शेमिंग से जुड़ी शिकायतों के बाद अपने मोबाइल ऐप में बदलाव किया है. वहीं BookMyShow को अपनी सामाजिक पहल BookASmile के लिए टिकट बुकिंग के दौरान पहले से चयनित 1 रुपये का डोनेशन हटाने का निर्देश दिया गया. CCPA ने इसे भी बास्केट स्नीकिंग माना.

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अन्य कंपनियों पर भी कार्रवाई

सरकार के अनुसार FirstCry पर 2 लाख रुपये और Anuj Jindal पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक PharmaEasy, McAfee और SpiceJet पर भी 1-1 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई. इन कंपनियों को हिडन चार्ज, भ्रामक काउंटडाउन टाइमर, फोर्स्ड सब्सक्रिप्शन और ऑटो-रिन्यूअल जैसे डार्क पैटर्न बंद करने के निर्देश दिए गए हैं.

उपभोक्ताओं के लिए क्या मायने?

सरकार की इस कार्रवाई का सीधा फायदा ऑनलाइन खरीदारी करने वाले ग्राहकों, यात्रियों और एडटेक प्लेटफॉर्म्स के यूजर्स को मिलेगा. अब चेकआउट के दौरान अपने आप जुड़ने वाले फीस, डोनेशन या मेंबरशिप जैसी प्रैक्टिस पर कड़ी निगरानी रहेगी. यदि कोई प्लेटफॉर्म ग्राहकों को गुमराह करने वाले इंटरफेस या हिडन चार्जेज का इस्तेमाल करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि CCPA डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की निगरानी लगातार जारी रखेगी. इसका उद्देश्य ऑनलाइन कारोबार में पारदर्शिता बढ़ाना, डार्क पैटर्न्स पर रोक लगाना और उपभोक्ताओं के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

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