IDBI Bank sale: यह सरकारी बैंक बन जाएगा प्राइवेट! कभी भी ऐलान संभव, फाइनल स्टेज पर डील

IDBI Bank News: सूत्रों के मुताबिक सरकार अब इस सौदे की औपचारिक घोषणा के सही समय पर विचार कर रही है. खरीदारों की रेस में कनाडा की कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स सबसे आगे चल रही है, जिसने लगभग 53,000 करोड़ रुपये के वैल्यूएशन का संशोधित प्रस्ताव पेश किया है. 

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IDBI Bank को विनिवेश की तैयारी. (Photo: AI) IDBI Bank को विनिवेश की तैयारी. (Photo: AI)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 09 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:08 PM IST

करीब 5 साल से इस सरकारी बैंक को प्राइवेट के हाथों में सौंपने के लिए कोशिशें चल रही थीं. लेकिन हर बार मामला अटक जाता था. लेकिन अब खबर है कि आईडीबीआई (IDBI) बैंक के निजीकरण और रणनीतिक विनिवेश की प्रक्रिया अपने अंतिम दौर में पहुंच गई है.

दरअसल, केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) मिलकर बैंक में अपनी 60.72% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में हैं. खरीदारों की रेस में कनाडा की कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स सबसे आगे चल रही है, जिसने लगभग 53,000 करोड़ रुपये के वैल्यूएशन का संशोधित प्रस्ताव पेश किया है. 

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साल 2021 से जारी इस प्रक्रिया में नियामक देरी और बोलियों के उतार-चढ़ाव के बाद, अब सरकार सही समय पर डील के आधिकारिक ऐलान पर विचार कर रही है. IDBI बैंक में केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की 60.72% रणनीतिक हिस्सेदारी की बिक्री अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है.

सही समय पर ऐलान की तैयारी 

सूत्रों के मुताबिक सरकार अब इस सौदे की औपचारिक घोषणा के सही समय पर विचार कर रही है. IDBI खरीदने के लिए कनाडा की प्रेम वात्सा के स्वामित्व वाली फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स (Fairfax Financial Holdings) ने सबसे बड़ी बोली लगाई है.

शुरुआत में इस सौदे में कुछ अड़चनें आई थीं, क्योंकि शुरुआती बोलियां सरकार के रिजर्व प्राइस से कम थीं. इसके बाद बोलीदाताओं को अपने ऑफर संशोधित करने का मौका दिया गया. रिपोर्ट के मुताबिक फेयरफैक्स ने अपने प्रस्ताव में सुधार किया है, जो अब करीब 81 रुपये प्रति शेयर के आसपास समझा जा रहा है. इस दर पर 60.72% हिस्सेदारी का कुल वैल्यूएशन लगभग 53,000 करोड़ रुपये बैठता है.

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 IDBI बैंक में सरकार और LIC की कितनी हिस्सेदारी
इस रणनीतिक विनिवेश प्रक्रिया के तहत सरकार अपनी 30.48% हिस्सेदारी बेच रही है. जबकि LIC अपनी 30.24% हिस्सेदारी बेच रही है.

बता दें, IDBI बैंक के निजीकरण की प्रक्रिया 2021 में शुरू की गई थी. नियामक मंजूरी और प्रक्रियात्मक कारणों के चलते इसमें कई बार देरी हुई. हालांकि, फेयरफैक्स की ओर से मिली नई बोली और निरंतर रुचि से साफ है कि यह विनिवेश प्रक्रिया सही दिशा में आगे बढ़ रही है. 

फिलहाल सरकार यह मूल्यांकन कर रही है कि फेयरफैक्स का नया संशोधित प्रस्ताव बैंक के सही मूल्यांकन के अनुकूल है या नहीं. सभी पहलुओं की जांच पूरी होते ही आधिकारिक घोषणा की तारीख तय कर दी जाएगी. इस खबर की वजह से IDBI बैंक के शेयर में भी हलचल देखने को मिल रही है. बुधवार को शेयर मामूली गिरावट के साथ 81 रुपये पर बंद हुआ. इससे पहले मंगलवार को शेयर में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई थी.

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