भारतीय शेयर बाजार में पिछले करीब एक साल का सफर निवेशकों के लिए बहुत आसान नहीं रहा है. ज्यादातर ट्रेडिंग सेशन में बाजार पर दबाव देखने को मिला और कई निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में खास रिटर्न नजर नहीं आया. लेकिन इस खस्ताहाल बाजार में भी कुछ शेयर ऐसे रहे, जिन्होंने पूरी तस्वीर से अलग प्रदर्शन किया. फिनोलेक्स केबल्स उन्हीं चुनिंदा शेयरों में शामिल है, जिसने 2026 में अब तक करीब 74% का रिटर्न दिया है. इतना ही नहीं, शेयर हाल ही में अपने 52 हफ्ते के हाई लेवल पर भी पहुंच गया.
एक महीने में करीब 29% चढ़ा शेयर
फिनोलेक्स केबल्स के शेयर में हाल की तेजी ने बाजार का ध्यान खींचा है. 9 सितंबर को शेयर 52 हफ्ते के नए हाई पर पहुंचा था. इसके एक दिन पहले यानी 8 सितंबर को इसमें करीब 6% तक की तेजी देखने को मिली थी. 10 सितंबर को भी तेजी का सिलसिला जारी रहा. दोपहर 3 बजे तक शेयर 4.15% की बढ़त के साथ ₹1,409.50 पर ट्रेड कर रहा था. पिछले एक महीने में फिनोलेक्स का शेयर करीब 29% चढ़ चुका है. यानी कमजोर बाजार के बीच इस शेयर ने न सिर्फ इस साल मजबूत बढ़त दर्ज की है, बल्कि हाल के हफ्तों में भी निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है.
ब्रोकरेज जेफरीज ने दी है Buy रेटिंग
शेयर में तेजी के बीच ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने फिनोलेक्स केबल्स पर अपनी Buy रेटिंग बरकरार रखी है. ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹1,410 का टारगेट प्राइस दिया था. शेयर ने 10 सितंबर को दोपहर तक ही करीब ₹1,409.50 के लेवल पर पहुंचकर जेफरीज के रेटिंग को सही साबित कर दिया. ब्रोकरेज के मुताबिक, शेयर में इस साल की मजबूत तेजी के बावजूद कंपनी का फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो करीब 21 गुना है. जेफरीज का मानना है कि यह उसके प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले कम है. ऐसे में वैल्यूएशन के लिहाज से भी शेयर में अभी गुंजाइश दिखाई देती है.
7 में से 6 एनालिस्ट्स ने दी Buy राय
फिनोलेक्स केबल्स को कवर करने वाले 7 एनालिस्ट्स में से 6 ने शेयर को खरीदने की सलाह दी है, जबकि सिर्फ एक एनालिस्ट ने Sell की राय दी है. यह आंकड़ा बताता है कि शेयर में पहले ही बड़ी तेजी आने के बावजूद ज्यादातर एनालिस्ट्स को कंपनी की आगे की ग्रोथ को लेकर उम्मीद बनी हुई है. हालांकि, एनालिस्ट्स की राय किसी शेयर में निवेश की गारंटी नहीं होती. निवेश का फैसला कंपनी के कारोबार, वैल्यूएशन, जोखिम और अपनी वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए.
कम्युनिकेशन केबल्स से मार्जिन को सहारा
जेफरीज के मुताबिक, कंपनी के मार्जिन में सुधार के पीछे कम्युनिकेशन केबल्स कारोबार की बड़ी भूमिका है. पूरे ऑप्टिक फाइबर केबल्स कारोबार में कम्युनिकेशन केबल्स की हिस्सेदारी करीब 75% है. यही कारोबार कंपनी की आगे की ग्रोथ कहानी में भी अहम माना जा रहा है. कंपनी फाइबर कारोबार की क्षमता बढ़ाने पर भी काम कर रही है. कंपनी ने दिसंबर 2026 तक अपनी फाइबर ड्रॉ क्षमता को दोगुना करके 80 लाख किलोमीटर करने की योजना बनाई है.
अगर फाइबर की कीमत 11 डॉलर प्रति किलोमीटर मानी जाए, तो क्षमता बढ़ने के बाद कंपनी की प्रति तिमाही बिक्री में करीब ₹200-250 करोड़ का योगदान हो सकता है. अनुमान के मुताबिक, यह FY2028 में कंपनी की कुल बिक्री का करीब 11% हो सकता है. यानी कंपनी की क्षमता बढ़ाने की योजना आने वाले समय में उसके कारोबार और बिक्री को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है.
इलेक्ट्रिकल्स अब भी सबसे बड़ा कारोबार
फिनोलेक्स केबल्स की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिकल्स कारोबार की हिस्सेदारी करीब 85% है. यही कंपनी का मुख्य कारोबार है. इसके अलावा कंपनी सोलर और एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज (EHV) जैसे नए कारोबारों पर भी ध्यान दे रही है. इन नए कारोबारों से भविष्य में कंपनी की ग्रोथ को अतिरिक्त सहारा मिलने की उम्मीद है.
क्या शेयर में अब भी है तेजी की गुंजाइश?
फिनोलेक्स केबल्स ने 2026 में अब तक करीब 74% की तेजी दर्ज की है और हाल ही में 52 हफ्ते के हाई पर भी पहुंचा है. इसके बावजूद जेफरीज की Buy रेटिंग और ज्यादातर एनालिस्ट्स की सकारात्मक राय से संकेत मिलता है कि बाजार के एक हिस्से को कंपनी की आगे की ग्रोथ पर भरोसा है. अब कंपनी के लिए सबसे अहम होगा कि वह फाइबर ड्रॉ क्षमता बढ़ाने की अपनी योजना को कितनी तेजी से पूरा करती है. साथ ही कम्युनिकेशन केबल्स कारोबार से मार्जिन में सुधार कितना टिकाऊ रहता है और सोलर व EHV जैसे नए कारोबार कितनी तेजी से बढ़ते हैं, इस पर भी निवेशकों की नजर रहेगी.
(नोट: शेयर बाजार में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें)
आजतक बिजनेस डेस्क