दुनिया पर मंडरा रहा खाद्य संकट का खतरा, वित्त मंत्री ने दी चेतावनी

FM Nirmala Sitharaman ने होर्मुज स्ट्रेट संकट और बाब-अल-मंदेब में व्यवधान को लेकर बात करते हुए चेतावनी दी कि इन सबके चलते दुनिया पर बड़ा खाद्य संकट मंडरा रहा है.

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वित्त मंत्री ने खाद्य संकट को लेकर दी चेतावनी. (Photo: File/ITG) वित्त मंत्री ने खाद्य संकट को लेकर दी चेतावनी. (Photo: File/ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 05 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:09 PM IST

दुनिया पर खाद्य संकट (Global Food Crisis) का खतरा मंडरा रहा है. ये हम नहीं कह रहे, बल्कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने ये चेतावनी दी है. म्यूनिख लीडर्स बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कई मुद्दों पर बात की, जिनमें भारत-अमेरिका ट्रेड डील (India-US Trade Deal) से लेकर होर्मुज स्ट्रेट में व्यवधान के चलते दुनिया पर पड़ने वाला असर तक शामिल है. Hormuz Strait की वजह से दुनिया पर संकट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत इससे निपटने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रहा है. 

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होर्मुज संकट पर क्या बोलीं FM? 
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चेतावनी दी कि होर्मुज और बाब अल-मंडेब जैसे प्रमुख समुद्री रूट में व्यवधान से वैश्विक खाद्य सुरक्षा को खतरा है.  Nirmala Sitharatam ने इसके सात ही मल्लका स्ट्रेट का भी जिक्र किया. वित्त मंत्री के मुताबिक, 'मलक्का जलडमरूमध्य में फिलहाल कोई समस्या देखने को नहीं मिली है, लेकिन वहां किसी भी तरह के व्यवधान से स्थिति और भी खराब हो जाएगी.

भारत ने उठाए ये बड़े कदम
निर्मला सीतारमण के मुताबिक, दुनिया पर मंडरा रहे बड़े खाद्य संकट के बीच भारत ने उर्वरक लाने वाली शिपिंग लाइनों को बढ़ते बीमा प्रीमियम, पेमेंट करने में मदद करने के लिए एक शिपिंग आपातकालीन कोष बनाया है. उन्होंने कहा कि ऊंची कीमतें, सीमित शिपिंग उपलब्धता और भारी बीमा प्रीमियम उर्वरक आयात में बाधा डाल रहे हैं और इसके लिए भारत घरेलू यूरिया और फॉस्फेट उत्पादन बढ़ा रहा है. हालांकि, उन्होंने कहा कि इसमें समय लगेगा. 

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US- भारत ट्रेड डील पर क्या कहा?  
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में कहा कि भारत और अमेरिका अपने व्यापार समझौते की बातचीत में एक स्थिरता पर पहुंच गए हैं, और उन्होंने कहा कि इस स्तर पर किसी भी पक्ष के लिए और अधिक देना या लेना बहुत मुश्किल होगा. सीतारमन ने कहा कि अमेरिका मौजूदा वार्ताओं से अलग उपायों के जरिए भारत के साथ अपने व्यापार असंतुलन को कम करने का प्रयास कर रहा है.

भारत और अमेरिका फरवरी 2025 से एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत कर रहे हैं, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने मोदी की वाशिंगटन यात्रा के दौरान बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई थी. इसके बाद कई दौर की बात हो चुकी है. दोनों पक्षों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना से अधिक बढ़ाकर 500 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है.

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