कर्नाटक को 300 करोड़ रुपये के दो बड़े इन्वेस्टमेंट प्रपोजल मिले हैं. इनमें दवा कंपनी 'सिप्ला' (Cipla) और प्लांट-बेस्ड प्रोटीन बनाने वाली 'रॉकेट इंडिया' (Roquette India) राज्य में अपने कारोबार का विस्तार करेंगी. सिप्ला बेंगलुरु के बोम्मासंद्रा स्थित अपने प्लांट के विस्तार पर 200 करोड़ रुपये निवेश करेगी, जबकि रॉकेट इंडिया बेलगावी जिले के गोकाक में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपये का निवेश करेगी.
कर्नाटक के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव एस. सेल्वकुमार ने बताया कि बोम्मासंद्रा स्थित सिप्ला प्लांट के विस्तार का काम शुरू हो चुका है. उम्मीद है कि विस्तारित यूनिट से इस वर्ष दिसंबर तक उत्पादन शुरू हो जाएगा. यह जानकारी कर्नाटक सरकार के मुंबई रोडशो के दूसरे दिन सामने आई. राज्य के भारी एवं मध्यम उद्योग मंत्री एम. बी. पाटिल ने बताया कि यह रोडशो राज्य में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था.
कई बड़ी कंपनियों के साथ हुई बैठक
रोडशो के दौरान राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने ब्लैकस्टोन, सेंट-गोबेन, होराइजन, हेंकेल, केईसी इंटरनेशनल और आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी समेत कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. इन बैठकों में कर्नाटक में निवेश और औद्योगिक विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा हुई.
रॉकेट इंडिया करेगी ₹100 करोड़ का निवेश
रॉकेट इंडिया बेलगावी जिले के गोकाक में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए 100 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. कंपनी प्लांट-बेस्ड प्रोटीन उत्पाद बनाती है, जिसके लिए मक्का प्रमुख कच्चा माल है. सेल्वकुमार ने कहा कि कर्नाटक देश के सबसे बड़े मक्का उत्पादक राज्यों में शामिल है. ऐसे में कंपनी को कच्चे माल की नियमित आपूर्ति मिलेगी, जबकि स्थानीय किसानों को अपनी उपज के लिए स्थिर और बेहतर बाजार उपलब्ध होगा.
बेंगलुरु में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर का प्लान
राज्य सरकार के अनुसार, रॉकेट इंडिया ने बेंगलुरु में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने में भी रुचि दिखाई है. यह प्रस्ताव कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग विस्तार योजना के साथ जुड़ा हुआ है.
डेटा सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग में भी दिलचस्पी
बैठक के दौरान ब्लैकस्टोन ने कर्नाटक में डेटा सेंटर, नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) और फाइबर-ऑप्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की इच्छा जताई. वहीं सेंट-गोबेन ने राज्य में अपनी मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं के विस्तार में रुचि दिखाई. सरकार ने कंपनी को संभावित परियोजनाओं के लिए उपलब्ध भूमि के विकल्पों की जानकारी भी दी.
टियर-2 सिटी में इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पर जोर
राज्य सरकार ने होराइजन को टियर-2 शहरों में औद्योगिक और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की संभावनाएं तलाशने का सुझाव दिया है. कंपनी प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में रुचि रखती है. अधिकारियों का मानना है कि इससे कर्नाटक में क्षेत्रीय स्तर पर संतुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा. कर्नाटक सरकार को उम्मीद है कि इन निवेश प्रस्तावों से राज्य में औद्योगिक गतिविधियां तेज होंगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और कृषि व विनिर्माण क्षेत्र को भी सीधा लाभ मिलेगा.
आजतक बिजनेस डेस्क