अमेरिका में आर्टिफिशियल साइबर सेफ्टी से संबंधित चिंताओं और AI मॉडलों तक सीमित पहुंच के बाद, अब चीन भी बड़ा खेल खेलने की तैयारी (China Big Plan) कर रहा है, जिससे पूरी दुनिया में हाहाकार मच सकता है. दरअसल, ड्रैगन अन्य देशों को एआई तकनीकें और सेमीकंडक्टर चिप निर्यात (Chip Export) पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है. चीन अगर ऐसा करता है, तो डिफेंस, ऑटो से लेकर डेटा सेंटर्स और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री के सामने बड़ा संकट खड़ा हो सकता है.
बड़ी कंपनियों से चर्चा जारी!
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट में FT की खबर के हवाले से ये जानकारी शेयर की गई है. इसमें बताया गया है कि AI Tech और चिप निर्यात से जुड़े नियमों को चीन सख्त बनाने की तैयारी में है. चीन सबसे उन्नत एआई तकनीकों को एक स्ट्रेटिजिक नेशनल एसेट के रूप में देश के भीतर ही रखना चाहता है. रिपोर्ट में बताया गया है कि China अलीबाबा, बाइटडांस और जिपू जैसी इस सेक्टर की दिग्गज कंपनियों के साथ बातचीत कर रहा है.
China रखना चाहता है फुल कंट्रोल
चीन का वाणिज्य मंत्रालय (China Commerce Ministry) कथित तौर पर चीनी एआई और सेमीकंडक्टर कंपनियों के साथ सुरक्षा के तरीकों पर चर्चा कर रहा है. चीन प्रशिक्षण डेटा को देश से बाहर ट्रांसफर करने और विदेशी यूजर्स द्वारा एआई मॉडल डाउनलोडिंग पर बैन लगाने पर भी विचार कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, चीन का मानना है कि इससे अन्य देशों द्वारा AI तकनीकों के उपयोग या नकल किए जाने का खतरा कम होगा.
इसके साथ ही बताया गया है कि चीन क्वालकॉम और TSMC जैसी विदेशी चिप मैन्युफैक्चरर कंपनियों चीनी डिजाइन पर बेस्ड Chips बनाने से रोकने के लिए नए नियम बना सकता है. कुल मिलाकर ड्रैगन अपनी चिप डिजाइन पर कंट्रोल करते हुए देश में ही रखना चाहता है.
अभी तैयारी, बैन फाइनल नहीं
हालांकि, अभी तक AI एक्सपोर्ट से जुड़े प्रतिबंध फाइनल नहीं किए गए हैं, लेकिन उम्मीद है कि इसे चीन की उन तकनीकों की आधिकारिक लिस्ट में शामिल किया जाएगा, जिनके निर्यात पर प्रतिबंध या रोक लागू है.
हालांकि, यहां ये जान लेना जरूरी है कि सबसे एडवांस सेमीकंडक्टर चिप्स की मैन्युफैक्चरिंग के मामले में चीन सबसे बड़ा खिलाड़ी नहीं है, बल्कि ताइवान (Taiwan), साउथ कोरिया (South Korea) और अमेरिका (US) आगे हैं. चीन प्रमुख रूप से चिप पैकेजिंग और कुछ खास कैटेगरी की चिप्स का निर्माण करता है.
China इस जरूरी चीज पर लगा चुका बैन
बता दें बीते सप्ताह ही जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच चीन ने हीलियम एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध (China Helim Export Ban) लगाने का ऐलान किया था और पूरी दुनिया को चौंका दिया है. चीन अकेले हीलियम का 80% निर्यात करता है, लेकिन इस पर बैन के बाद चिप सेक्टर भी संकट में नजर आ रहा है. बता दें कि हीलियम गैस सेमीकंडक्टर प्लांट के लिए जरूरी मानी जाती है, अगर ये प्रतिबंध जारी रहते हैं तो चिप निर्माताओं को उच्च लागत और सप्लाई रिस्क से जूझना पड़ सकता है. ऐसा होने पर इलेर्क्टॉनिक्स और चिप यूज वाली चीजें महंगी हो सकती है.
आजतक बिजनेस डेस्क