केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिक्स के बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए सदस्य देशों से आपस में व्यापार बढ़ाने, नियमों को सरल बनाने और आयात-निर्यात में तेजी लाने की दिशा में ठोस कदम उठाने का आह्वान किया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि BRICS देशों को एक-दूसरे के प्रोडक्ट्स और कच्चे माल के लिए अपने बाजार खोल देना चाहिए, ताकि व्यापारिक बाधाओं को दूर कर आर्थिक विकास को गति दी जा सके.
पीयूष गोयल की मानें तो ब्रिक्स देशों को व्यापार बढ़ाने में स्थानीय करेंसी को ज्यादा महत्व देना चाहिए. इसके अलावा सप्लाई चेन ऐसी होनी चाहिए जो दोनों तरफ समान रूप से काम करे और किसी भी परिस्थिति में सदस्य देशों के विकास व कल्याण में बाधा न बने.
ब्रिक्स की ताकत बताते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि दुनिया के कुल व्यापार के लगभग एक-चौथाई (25%) ये संगठन प्रतिनिधित्व करता है. केंद्रीय मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ब्रिक्स देश अपनी आर्थिक आत्मनिर्भरता और आंतरिक सहयोग को मजबूत करने में जुटा है.
बता दें, ब्रिक्स देशों के बीच आपस में होने वाला व्यापार हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा है और यह 1.1 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है. इस समूह के देश आपस में मुख्य रूप से ऊर्जा संसाधन, औद्योगिक उत्पाद, कृषि उत्पाद और इलेक्ट्रॉनिक्स/फार्मास्यूटिकल्स का व्यापार करते हैं.
किन चीजों का सबसे ज्यादा व्यापार होता है?
- रूस, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब जैसे देश चीन, भारत और ब्राजील को भारी मात्रा में कच्चा तेल और गैस निर्यात करते हैं.
- रूस और दक्षिण अफ्रीका से लोहा, तांबा, कोयला और सोना चीन-भारत भेजे जाते हैं.
- चीन से अन्य सभी ब्रिक्स देशों को भारी मशीनरी, टेलीकॉम उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल पार्ट्स भेजे जाते हैं.
- ब्राजील दूसरे ब्रिक्स देशों खासकर चीन को सोयाबीन, चीनी और पोल्ट्री/मीट का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है.
- रूस से भारत और ब्राजील को बड़ी मात्रा में उर्वरक और गेहूं का निर्यात किया जाता है.
- भारत ब्रिक्स देशों को जेनेरिक दवाई, ऑर्गेनिक केमिकल्स, ऑटो कंपोनेंट्स, रिफाइंड पेट्रोलियम और परिधान/टेक्सटाइल निर्यात करता है.
वैश्विक व्यापार में ब्रिक्स का हिस्सा दुनिया के कुल निर्यात का लगभग 24% और आयात का 20% है. जिसमें सबसे बड़ा निर्यातक चीन है, जो $550 बिलियन का निर्यात दूसरे ब्रिक्स देशों को करता है. वहीं भारत का कुल व्यापार ब्रिक्स देशों के साथ वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान $417.5 बिलियन, जिसमें निर्यात $95.7B और आयात $321.8B का रहा.
भारत का व्यापार घाटा
हालांकि ब्रिक्स देशों के साथ भारत का व्यापार घाटा $226.1 बिलियन तक पहुंच गया है. इसका मुख्य कारण चीन से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक्स/मशीनरी और रूस तथा UAE से कच्चे तेल का आयात बढ़ाना है.
आजतक बिजनेस डेस्क