BIHAR NEWS: समस्तीपुर में 75 लीटर शराब बरामदगी के मामले में गिरफ्तार नेहा झा की जमानत पर 18 सितंबर को सुनवाई हुई, लेकिन अदालत में केस डायरी पेश नहीं होने के कारण तत्काल कोई फैसला नहीं हो सका. न्यायाधीश ने पुलिस से केस डायरी मांगी है और अब मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी. इस बीच सोशल मीडिया पर नेहा की जमानत को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं.
दरअसल, पिछले 3 सितंबर को आरपीएफ और सीआईबी को सूचना मिली थी कि 12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास कोच से शराब की तस्करी की जा रही है. करीब चार घंटे की देरी से समस्तीपुर पहुंची ट्रेन में टीम ने छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान नेहा और उसके जीजा ईशान को शराब के साथ गिरफ्तार किया गया था. बाद में जीआरपी ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोनों को जेल भेज दिया.
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गिरफ्तारी के बाद नेहा से जुड़ी खबरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे. कई फर्जी मीम्स में उसके जेल से बाहर आने के दावे किए गए. इसी बीच एक वीडियो सामने आया, जिसमें खुद को नेहा का अधिवक्ता बताने वाले शिवनंदन भारती ने जमानत को लेकर अपनी बात रखी. हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 18 सितंबर की सुनवाई में बेल पर निर्णय नहीं हुआ और नेहा अभी जेल में है.
हाई कोर्ट से बेल मिलने का दावा कितना सही?
वायरल वीडियो में शिवनंदन भारती कहते नजर आ रहे हैं कि 75 लीटर शराब बरामदगी के मामले में समस्तीपुर अदालत से जमानत मिलना मुश्किल है और इसके लिए हाई कोर्ट का रुख करना पड़ सकता है. उनका दावा है कि 30 लीटर से ज्यादा शराब वाले मामलों में स्थानीय अदालत से बेल नहीं मिलने की स्थिति बनती है. उन्होंने यह भी कहा कि बरामदगी में शराब सीट के नीचे से मिलने की बात सामने आई है.
वीडियो में अधिवक्ता यह भी कहते हैं कि कई लोग अपने स्तर से नेहा को जमानत मिलने की बात सोशल मीडिया पर चला रहे हैं, जबकि वह अभी जेल में है. उनके मुताबिक हाई कोर्ट तक मामला पहुंचने में एक से डेढ़ महीने का समय लग सकता है. उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर ऐसे मामलों में हाई कोर्ट से जमानत मिलने की स्थिति बनती है.
उन्होंने यह भी दावा किया कि महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए अदालत में अलग विशेष प्रावधान है, लेकिन कई बार जज इसका इस्तेमाल नहीं करते और हाई कोर्ट जाने को कहते हैं. हालांकि, यह वायरल वीडियो में अधिवक्ता की ओर से किया गया दावा है. नेहा की जमानत पर अदालत का अगला रुख 24 सितंबर की सुनवाई में स्पष्ट होगा.
FIR में नेहा कुमारी, मोबाइल से जुटाए जा रहे सबूत
आरपीएफ की ओर से जीआरपी थाने में दिए गए आवेदन में नाम नेहा कुमारी, पिता संजय कुमार झा दर्ज है. उसे सिंघिया प्रखंड के बारी गांव की रहने वाली बताया गया है. पुलिस को उसके पास से आईफोन 11 भी मिला है. एफआईआर में 100 बोतल शराब बरामद होने का भी उल्लेख है, जबकि अन्य रिपोर्टों में बरामद शराब की मात्रा करीब 75 लीटर बताई गई है.
पुलिस मोबाइल फोन से मिले डेटा के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नेहा का संपर्क किन-किन लोगों से था और कथित शराब नेटवर्क की कड़ियां कहां तक जुड़ी हैं. एफआईआर के मुताबिक, नेहा ने अपने बयान में कहा था कि वह शराब शादी समारोह में इस्तेमाल के लिए लेकर जा रही थी. हालांकि, उसके इस दावे की सच्चाई जांच का विषय है.
आरपीएफ की ओर से तलाशी से लेकर गिरफ्तारी तक की कार्रवाई का वीडियो भी सबूत के तौर पर पेन ड्राइव में उपलब्ध कराया गया है. पुलिस इस रिकॉर्डिंग को अदालत में पेश करेगी. स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास कोच से शराब बरामद होने के मामले में नेहा और ईशान दोनों न्यायिक हिरासत में हैं.
24 सितंबर पर टिकी निगाहें
अब इस मामले में अगली अहम तारीख 24 सितंबर है. इसी दिन नेहा और उसके जीजा ईशान की जमानत अर्जियों पर आगे की सुनवाई होने की संभावना है. अदालत के सामने केस डायरी आने के बाद जमानत आवेदन पर सुनवाई आगे बढ़ेगी. फिलहाल नेहा को बेल मिलने की कोई पुष्टि नहीं हुई है और वह जेल में है.
शराब बरामदगी से शुरू हुआ यह मामला अब जमानत की सुनवाई और सोशल मीडिया पर चल रहे दावों के कारण भी चर्चा में है. एक तरफ वायरल वीडियो में हाई कोर्ट जाने और वहां से राहत मिलने की बात कही जा रही है, तो दूसरी तरफ अदालत में 18 सितंबर को केस डायरी नहीं आने के कारण सुनवाई आगे बढ़ा दी गई. अब 24 सितंबर को होने वाली कार्यवाही से तस्वीर साफ होगी.
जहांगीर आलम