बिहार के समस्तीपुर जिले में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे. उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और राहत कार्यों की स्थिति देखी. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ पीड़ितों को किसी तरह की परेशानी न हो और राहत पहुंचाने के काम में तेजी लाई जाए.
समस्तीपुर के तीन प्रखंडों मोहनपुर, मोहिउद्दीननगर और विद्यापतिनगर के कुछ हिस्से बाढ़ से प्रभावित हैं. गंगा नदी में आई बाढ़ के कारण मोहनपुर और मोहिउद्दीननगर में कई परिवार ऊंची जगहों पर तंबू लगाकर रहने को मजबूर हैं. लोग उसी चबूतरे पर खाना बनाने, खाने-पीने और रहने की व्यवस्था कर रहे हैं.
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मंत्री रामनाथ ठाकुर ने राहत शिविरों में चल रहे सामुदायिक रसोई का भी जायजा लिया. उन्होंने वहां बाढ़ पीड़ितों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता देखी और इसमें जरूरी सुधार करने का निर्देश दिया. पटोरी एसडीओ को उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रभावित परिवारों को गुणवत्तापूर्ण भोजन मिले और राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही न हो.
फसल नुकसान की रिपोर्ट जल्द तैयार करने का निर्देश
केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ से हुए फसल नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट जल्द तैयार करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि क्षति का विवरण तैयार कर सरकार को जल्द से जल्द भेजा जाए, ताकि प्रभावित किसानों के नुकसान की जानकारी सरकार तक पहुंच सके.
पानी घटने के बाद अब बाढ़ प्रभावित इलाकों में बीमारी फैलने का डर भी लोगों को सताने लगा है. इसे देखते हुए रामनाथ ठाकुर ने मेडिकल टीम को पर्याप्त मात्रा में दवाओं का स्टॉक रखने का निर्देश दिया. इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में समय-समय पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने की बात कही.
बाढ़ के बीच स्थानीय स्तर पर भी लोग एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं. कुछ लोग पुराने टायरों का जुगाड़ कर उन्हें नाव की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं. इनके जरिए सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा रहा है. वहीं कुछ डॉक्टर भी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए हैं.
डॉक्टरों ने बांटी राहत सामग्री
डॉ. मनोज कुमार सिंह और डॉ. नीरज कुमार बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण कर रहे हैं. मुश्किल हालात के बीच डॉक्टरों की इस पहल से प्रभावित परिवारों को मदद मिल रही है.
रामनाथ ठाकुर ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर लोगों की समस्याओं को करीब से समझने की कोशिश की. उनके दौरे की एक खास वजह यह भी रही कि उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के रसलपुर स्कूल से पढ़ाई की है. ऐसे में उन्होंने लोगों की परेशानियों को नजदीक से जानने और उनके लिए अधिक से अधिक राहत सामग्री पहुंचाने की दिशा में अधिकारियों को निर्देश दिए.
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ उनके भोजन की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए. उन्होंने पटोरी एसडीओ को इन सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए. साथ ही पानी घटने के बाद स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए दवा और साफ-सफाई की व्यवस्था मजबूत रखने को कहा.
जहांगीर आलम