बिहार के समस्तीपुर में नाबालिग लड़की के साथ बदसलूकी के वायरल वीडियो मामले में जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है. कर्पूरी ग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर में हुई घटना के चार आरोपियों में से तीन के परिजनों द्वारा सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण और अवैध निर्माण को शुक्रवार को बुलडोजर चलाकर हटा दिया गया. कार्रवाई सदर एसडीओ राकेश कुमार बर्नवाल के निर्देश पर हुई.
प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल और मजिस्ट्रेट के साथ तीनों आरोपियों के घर पहुंची. कार्रवाई राहुल कुमार (19), पिता अरुण पासवान, अवधेश पासवान (46), पिता नेवालाल पासवान और रामबाबू सहनी (38), पिता महेश्वर सहनी के परिजनों द्वारा सड़क किनारे सरकारी जमीन पर किए गए कब्जे के खिलाफ की गई. बुलडोजर से अवैध निर्माण हटाया गया.
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वहीं, मुख्य आरोपी विकास शर्मा (32), पिता राम सुदेश शर्मा के खिलाफ भी प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी कर ली है. उसके द्वारा अतिक्रमण कर पक्का मकान बनाए जाने की जानकारी के बाद एसडीओ ने नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया है. तय समय में निर्माण नहीं हटाया गया तो प्रशासन बुलडोजर की कार्रवाई करेगा.
राशन डीलर का लाइसेंस रद्द
सदर एसडीओ राकेश कुमार बर्नवाल ने आरोपी अवधेश पासवान के खिलाफ एक और प्रशासनिक कार्रवाई की है. अवधेश सरकारी राशन दुकान का पीडीएस डीलर था. मामले की जानकारी मिलने के बाद एसडीओ ने उसका लाइसेंस रद्द कर दिया. प्रशासन का कहना है कि आरोपियों के बारे में यह जानकारी मिली थी कि उन्होंने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर अवैध निर्माण कराया है.
एसडीओ ने बताया कि शुक्रवार को मजिस्ट्रेट के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और बुलडोजर भेजा गया था. तीन आरोपियों के अवैध निर्माण को हटाया गया है. मुख्य आरोपी विकास शर्मा के मकान का निर्माण पक्का होने के कारण उसे दो दिन का समय दिया गया है. यदि इस अवधि में निर्माण नहीं हटाया गया तो उसे भी बुलडोजर से तोड़कर हटाया जाएगा.
प्रशासनिक कार्रवाई के बीच इस मामले की पुलिस जांच और अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा के लिए एडीजी डॉ. कमल किशोर भी समस्तीपुर पहुंचे. उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की. इस दौरान डीएम और एसपी से भी मामले की जानकारी ली गई और आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा हुई.
एडीजी ने की कार्रवाई की समीक्षा
एडीजी डॉ. कमल किशोर ने कहा कि राज्य सरकार इस तरह की घटनाओं को लेकर संवेदनशील है. मामले में अब तक जो कार्रवाई होनी थी, वह की जा चुकी है. अब आगे इस कार्रवाई को किस तरह बढ़ाया जाए, इस पर काम किया जाएगा, ताकि स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषियों को सजा दिलाई जा सके.
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने अच्छा काम किया है और उसकी भी समीक्षा की गई है. डीएम और एसपी दोनों से बातचीत हुई है. इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक निर्णय लिया गया है. एडीजी के मुताबिक राज्य सरकार की संवेदनशीलता के साथ लिए गए निर्णयों को लागू किया जाएगा.
दरअसल, 15 सितंबर को कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव में बांध के पास नाबालिग लड़की के साथ बदसलूकी और अभद्र टिप्पणी का मामला सामने आया था. घटना का वीडियो 23 सितंबर को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. वीडियो सामने आने के बाद समस्तीपुर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और घटनास्थल की पहचान कर कार्रवाई की.
6 घंटे में पकड़े गए थे चारों आरोपी
पुलिस के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बाद तकनीकी जांच के आधार पर चारों आरोपियों को करीब छह घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया था. 23 सितंबर की देर रात गिरफ्तारी के बाद अगले दिन 24 सितंबर को सभी का मेडिकल कराया गया. इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से चारों को जेल भेज दिया गया.
जानकारी के अनुसार, एक नाबालिग लड़का और लड़की बाइक से बांध के पास पहुंचे थे और दोनों बातचीत कर रहे थे. इसी दौरान कुछ स्थानीय युवकों ने उन्हें घेर लिया. आरोप है कि युवकों ने नाबालिग लड़के के साथ मारपीट की, जिसके बाद वह वहां से भाग गया. इसके बाद आरोपियों ने लड़की के साथ दुर्व्यवहार किया.
वायरल वीडियो में लड़की लगातार विरोध करती दिखाई दे रही है. आरोप है कि युवकों ने उससे बार-बार पता पूछा और जब उसने अपने साथ आए युवक को अपना भाई बताया, तब भी उसके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया. मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना को मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया था. यही वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ.
अब अतिक्रमण पर प्रशासन का शिकंजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, जबकि जिला प्रशासन ने उनके द्वारा किए गए कथित अतिक्रमण की जानकारी जुटाई. जांच में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण की बात सामने आने के बाद तीन आरोपियों से जुड़े निर्माण पर बुलडोजर चलाया गया. मुख्य आरोपी विकास शर्मा को दो दिन की मोहलत दी गई है.
इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मामले में भी कार्रवाई जारी रहेगी. वहीं अवधेश पासवान का राशन डीलर लाइसेंस रद्द किया जाना मामले में प्रशासन की ओर से की गई अतिरिक्त कार्रवाई है. अब विकास शर्मा के पक्के मकान को लेकर दो दिन की समयसीमा खत्म होने के बाद अगला कदम उठाया जाएगा.
जहांगीर आलम