जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर सोमवार से आधिकारिक तौर पर (ऑफिशियली) विधायक बन गए हैं. प्रशांत किशोर ने विधानसभा सदस्यता की शपथ ले ली है. बिहार विधानसभा के स्पीकर डॉ. प्रेम कुमार ने प्रशांत किशोर को शपथ दिलाई.
विधानसभा सदस्यता की शपथ लेने के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि उनके लिए यह गौरव की बात है कि उन्होंने उस सदन की सदस्यता की शपथ ली है, जिसके सदस्य भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर, कृष्ण सिंह, अनुग्रह नारायण, नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव, सुशील मोदी और रामविलास पासवान जैसे नेता रहे हैं. प्रशांत किशोर ने कहा कि वे विधानसभा सदस्य के तौर पर लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहते हैं.
प्रशांत किशोर जन सुराज पार्टी के संस्थापक और पूर्व राजनीतिक रणनीतिकार हैं. उन्होंने बिहार के बांकीपुर सीट से उपचुनाव लड़ने की घोषणा की थी. इसके बाद जब 30 जुलाई 2026 को चुनाव संपन्न हुआ और 3 अगस्त को परिणाम घोषित किए गए तो इस चुनाव में प्रशांत किशोर ने जीत हासिल की. उन्होंने बीजेपी के नीरज कुमार को 18,953 वोटों से हराया. बता दें पीके का यह पहला चुनाव था.
प्रशांत किशोर ने राजनीति में आने और राजनीतिक रणनीतिकार के तौर पर काम करने से पहले संयुक्त राष्ट्र के फंड से चलने वाले एक प्रोग्राम में आठ साल तक जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम किया. प्रशांत किशोर का जन्म 20 मार्च 1977 को बिहार के रोहतास जिले में हुआ था. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बक्सर जिले में पूरी की.
पीके को सितंबर 2018 में जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) ने अपने राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में नियुक्त किया था. उन्होंने 29 जनवरी 2020 को नीतीश कुमार के साथ असहमति के कारण जेडीयू छोड़ दिया. पीके ने अपने करियर की शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र में आठ साल तक काम किया, जहां वे अंतरराष्ट्रीय राजनेताओं के राजनीतिक रणनीतिकार थे.
शशि भूषण कुमार