बिहार सरकार में मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'वोट चोरी' के आरोपों पर पलटवार किया है. उन्होंने दावा किया कि अगर वोट चोरी होती तो देश के प्रधानमंत्री सरदार पटेल होते, जवाहरलाल नेहरू नहीं. इंडिया गठबंधन की बैठक पर सवाल हुआ तो उन्होंने गठबंधन के नेतृत्व पर भी निशाना साधा. उन्होंने बिहार के पुराने चुनावों में बूथ लूट और हिंसा का जिक्र किया. समस्या के समाधान पर उन्होंने कहा कि सरकार इस पर काम करेगी. चिराग पासवान के सवाल पर वे बोले, "अब बाद में."
बैठक को लेकर पूछे गए सवाल पर चंद्रवंशी ने कहा कि अगर गठबंधन का नेता ही कमजोर है और उसके बयान लोगों की समझ में नहीं आते कि वह क्या कह रहे हैं, तो ऐसी बैठक में जाकर लोग क्या करेंगे.
वोट चोरी के आरोप पर पलटवार
राहुल गांधी के आरोपों पर चंद्रवंशी ने कहा कि उन्हें यह पता ही नहीं है कि जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री कैसे बने थे. उन्होंने दावा किया कि अगर वोट चोरी नहीं होती तो देश के प्रधानमंत्री सरदार पटेल होते और नेहरू जी नहीं होते. मंत्री ने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस को शुरू से ही वोट चोरी करने की आदत रही है.
बिहार के पुराने चुनावों का जिक्र
बिहार के पुराने चुनावों की बात करते हुए चंद्रवंशी ने कहा कि पहले चुनाव के दौरान खुलेआम बूथ लूटे जाते थे और गोली चलती थी. उनके मुताबिक लोगों को वोट डालने से रोका जाता था. उन्होंने कहा कि साल 2005 बहुत पुरानी बात नहीं है और लोगों को पुराने वीडियो देखने चाहिए. मंत्री का दावा है कि पहले बिहार में चुनाव के समय 8 से 10 हत्याएं तक हो जाती थीं. उन्होंने कहा कि अब मतदाता बिना डर के वोट डालने जा रहे हैं और कहीं हिंसा नहीं हो रही है. इसके बावजूद विपक्ष को वोट चोरी दिखाई दे रही है.
समाधान और चिराग पासवान पर सवाल
समस्या के समाधान के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार काम करेगी और संबंधित लोगों की तारीफ की. उनके मुताबिक वे अच्छा काम कर रहे हैं और सेवा का काम पुण्य का काम है. पत्रकार ने कहा कि चिराग पासवान भी सरकार से ही सवाल उठा रहे हैं तो मंत्री बोले, "अब बाद में."
सैयद मुशर्रफ इमाम