वोटर ID से मिलेगी योजनाओं की रकम, नई पंचायती राज योजना में नए नियम

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने नई पंचायती राज योजना का ऐलान करते हुए कहा था कि अब लाभार्थियों की पहचान के लिए आधार की जगह बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और वोटर आईडी यानी EPIC नंबर का इस्तेमाल किया जाएगा. अब आरजेडी ने इसको लेकर सवाल खड़ा किया.

Advertisement
ललन सिंह ने आधार की जगह बायोमेट्रिक और वोटर ID अनिवार्य करने की बात कही. (File Photo: ITG) ललन सिंह ने आधार की जगह बायोमेट्रिक और वोटर ID अनिवार्य करने की बात कही. (File Photo: ITG)

शशि भूषण कुमार

  • पटना,
  • 03 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:20 PM IST

केंद्रीय पंचायती राज और मत्स्य पालन मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह के नई पंचायती राज योजना को लेकर दिए बयान पर आरजेडी ने सवाल खड़े किए हैं. आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि भारत सरकार ने अपनी योजनाओं के लिए आधार को मान्यता दी है. ऐसे में सवाल उठता है कि केंद्रीय मंत्री ललन सिंह वोटर आईडी कार्ड को क्यों जोड़ना चाहते हैं.

Advertisement

एजाज अहमद ने सवाल किया कि आखिर ललन सिंह की मंशा क्या है? क्या इसका मकसद लाभार्थियों को योजनाओं से वंचित करना है? उन्होंने ललन सिंह के उस ऐलान को लेकर सवाल उठाए, जिसमें उन्होंने कहा था कि आगे सरकारी योजनाओं के लाभ और भुगतान के लिए आधार को प्राथमिक पहचान के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने शुक्रवार (30 अक्तूबर) को नई पंचायती राज योजना का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि अब लाभार्थियों को भुगतान और सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए आधार को प्राथमिक पहचान के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. इसकी जगह बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के साथ वोटर आईडी कार्ड नंबर यानी ईपीआईसी नंबर का इस्तेमाल किया जाएगा.

पहचान का मुख्य आधार नहीं

ललन सिंह ने कहा था कि अभी लाभार्थियों को भुगतान देने के लिए आधार का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन आगे यह पहचान का मुख्य आधार नहीं रहेगा. उन्होंने कहा था कि आधार कार्ड जारी करने वाली संस्थाएं हर इलाके में मौजूद हैं. ऐसे में अब लाभार्थियों की पहचान आधार कार्ड के आधार पर नहीं की जाएगी.

Advertisement

बीजेपी ने फैसले को बताया पारदर्शी शासन की दिशा में कदम

वहीं, बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार शर्मा ने केंद्रीय मंत्री के फैसले का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ललन सिंह का यह फैसला प्रधानमंत्री मोदी के पारदर्शी शासन की दिशा में बड़ा कदम है.

नीरज कुमार शर्मा ने कहा कि आधार कार्ड आजकल आसानी से बन जाता है, इसलिए फर्जी लाभार्थी बढ़ जाते थे. अब पंचायती राज योजनाओं में ईपीआईसी नंबर यानी वोटर आईडी और बायोमेट्रिक अनिवार्य होगा, जिससे लाभ सिर्फ असली और योग्य लोगों तक पहुंचेगा. उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना के तहत ग्राम पंचायतों को मजबूत करने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का प्रयास है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »