ललन सिंह
राजीव रंजन ललन सिंह (Rajiv Ranjan Lalan Singh बिहार के एक राजनीतिज्ञ हैं. वह जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) के सदस्य के रूप में 17वीं लोकसभा में मुंगेर का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद हैं (Lalan Singh constituency). वह जदयू के राष्ट्रीय पार्टी अध्यक्ष हैं. इससे पहले, वह जदयू की बिहार इकाई के अध्यक्ष थे. 2024 लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की और नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री बनें
ललन सिंह का जन्म 24 जनवरी 1955 को पटना में ज्वाला प्रसाद सिंह और कौशल्या देवी के घर हुआ था (Lalan Singh age). उनके पास भागलपुर विश्विविद्यालय के TNB कॉलेज से कला स्नातक की डिग्री है (Lalan Singh education). सिंह कॉलेज छात्र संघ के महासचिव थे और 1974 में उन्होंने जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व वाले आंदोलनों में भाग लिया था. ललन सिंह की शादी रेणु देवी से हुई है और उनकी एक बेटी है (Lalan Singh wife).
ललन सिंह 2014 के लोकसभा चुनाव में हारने के बाद बिहार विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए थे. वह भारत की 15वीं लोकसभा के सदस्य थे और बिहार के मुंगेर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे. उन्होंने भारत की 14वीं लोकसभा में बेगूसराय निर्वाचन क्षेत्र का भी प्रतिनिधित्व किया. 2010 में ललन सिंह ने बिहार जदयू का अध्यक्ष रहते हुए सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ विद्रोह किया नतीजतन वे जदयू के एक निर्वासित सदस्य बने रहे. 2013 में, जदयू ने उनकी लोकसभा सदस्यता को रद्द करने की मांग की, लेकिन नीतीश कुमार के साथ उनके संबंध के सुधरने के बाद इस कदम को पीछे खींच लिया गया था. ललन सिंह 2014 में जीतन राम मांझी कैबिनेट में सड़क निर्माण मंत्री बनाए गए थे. फरवरी 2015 में जीतन राम मांझी ने उन्हें कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया था. बाद में, नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने पर, उन्हें फिर से महागठबंधन सरकार में मंत्री के रूप में शामिल किया गया (Lalan Singh political career).
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अनंत सिंह ने कहा कि वह 1 दिसंबर को सरेंडर करेंगे और उन्हें न्यायालय से राहत की उम्मीद है. उन्होंने नीरज कुमार पर फंसाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब वह नीतीश कुमार और ललन सिंह से नहीं मिलेंगे.
मोकामा-मुंगेर बेल्ट में जेडीयू के तीन दिग्गज नेता, ललन सिंह, बाहुबली अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच छिड़ी वर्चस्व की जंग ने पार्टी के अंदरूनी चक्रव्यूह को गहरा दिया है. एमएलसी चुनाव से शुरू हुई यह आपसी गुटबाजी अब नेताओं की सार्वजनिक नाराजगी और बयानों के जरिए खुलकर सड़क पर आ गई है.
बिहार की राजनीति में नीरज कुमार की एमएलसी चुनाव में जीत के बाद जेडीयू के भीतर टकराव की चर्चा तेज हो गई है. ललन सिंह को लेकर उनके बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है. वहीं, पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित अनंत सिंह की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं. दुलारचंद यादव हत्याकांड में उनकी जमानत रद्द करने की याचिका पर 30 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तय है. आगे की स्थिति अदालत के फैसले पर निर्भर करेगी.
अनंत सिंह को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाकर जेडीयू ने सख्त मैसेज दिया है कि अब अपमानजनक भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी. साथ ही पार्टी लाइन को फॉलो न करने पर एक्शन लिया जाएगा. हालांकि अनंत सिंह के मामले में पार्टी सिर्फ निष्कासन से रुकने वाली नहीं है. जेडीयू अब अनंत सिंह की विधायकी भी छीनने जा रही है.
मोकामा विधायक अनंत सिंह को जेडीयू ने छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है. अब उनकी विधानसभा सदस्यता पर भी खतरा मंडरा रहा है. पार्टी ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है. अनंत सिंह पर विधान परिषद चुनाव में जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध करने और जन सुराज प्रत्याशी का समर्थन करने का आरोप है. नीतीश कुमार और ललन सिंह की मुलाकात के बाद कार्रवाई हुई.
JDU ने मोकामा विधायक अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है. उनकी पत्नी नीलम देवी पर भी कार्रवाई हुई है. विधान परिषद चुनाव से जुड़ा विवाद इस फैसले की मुख्य वजह बना.
बिहार में मोकामा के विधायक अनंत सिंह को जेडीयू ने छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है. उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी की प्राथमिक सदस्यता भी रद्द कर दी गई है. पार्टी ने दोनों पर दलविरोधी गतिविधियों का आरोप लगाया है. अनंत सिंह पर विधान परिषद चुनाव में जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ काम करने का आरोप है. अब उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म करने की सिफारिश भी की गई है.
बिहार में JDU के अंदर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद MLC चुनाव के बीच चर्चा में है. केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने अनंत सिंह की शिकायतों का समर्थन किया है, जबकि स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने नीरज कुमार का समर्थन किया है
बिहार में आगामी MLC चुनाव से पहले पटना ग्रेजुएट सीट को लेकर नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच विवाद बढ़ गया है. इस विवाद को सुलझाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से मुलाकात की.
पटना स्नातक एमएलसी सीट पर जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ अनंत सिंह के खुले विरोध से पार्टी के भीतर विवाद तेज हो गया है और मामला शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गया है. संजय झा ने कहा है कि ललन सिंह को बातचीत कर हल निकालने की जिम्मेदारी दी गई है, इसलिए अब नजर पार्टी के अगले कदम पर है.
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के सुरक्षा घेरे में शनिवार को चूक हो गई. लखीसराय जिले के चानन प्रखंड के कुंदर बराज गांव में एक दिवसीय कार्यक्रम के दौरान स्वागत के वक्त एक विक्षिप्त युवक लोहे का पाइप लेकर भीड़ में घुस गया और उसे लहराने लगा.
Ajay Rai Fish Controversy सावन के महीने में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के स्वागत में निषाद समाज की बैठक के दौरान मछली-भात परोसा गया.इसके बाद सवाल उठे कि क्या सावन में ऐसा आयोजन उचित था? सावन के महीने में जैसे ही किसी नेता की थाली में माछ-भात, मटन भात , चिकन पहुंचता है हिंदू लोग धर्म, महीना याद दिलाने लगते हैं.
जदयू नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने एक सार्वजनिक मंच से संबोधित करते हुए ललन सिंह ने कहा कि बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सिर्फ भारतीय जनता पार्टी की पसंद नहीं हैं, बल्कि वे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खुद के चुने हुए हुए उत्तराधिकारी हैं.
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, ललन सिंह का बयान आने वाले समय में बिहार की राजनीति की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है. इससे यह संदेश देने की कोशिश भी मानी जा रही है कि सम्राट चौधरी को सिर्फ बीजेपी ही नहीं, बल्कि नीतीश कुमार की राजनीतिक सोच और विकास मॉडल का भी समर्थन प्राप्त है.
बिहार और महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार में बीजेपी की राजनीति कॉमन फैक्टर है. दिलचस्प बात है कि बिहार में जेडीयू का जो हाल है, महाराष्ट्र में करीब करीब वैसा ही हाल एनसीपी का है. निशांत कुमार को जेडीयू का चेहरा बनाया जा रहा है, जबकि सुनेत्रा पवार ने कमान संभाल ली है - लेकिन भविष्य एक जैसा लगता है.
बीजेपी के सांसद मनोज तिवारी ने लोकसभा में कहा कि 'यह दूधो नहाओ, पूतो फलो' की स्थिति है. उन्होंने इसे लेकर भी प्रश्न पूछा कि देश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार की योजना क्या है.
नीतीश कुमार को जेडीयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया है क्योंकि किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन नहीं किया. हाल ही में नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद का चुनाव भी जीता था और अब वो पार्टी की कमान भी संभालेंगे.
लोकसभा से निलंबित विपक्ष के आठ सांसदों का निलंबन वापस हो गया है. कांग्रेस सांसद के सुरेश की ओर से आए प्रस्ताव के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सांसदों का निलंबन खत्म करने का रेजॉल्यूशन पेश किया. संसद में सत्तापक्ष और विपक्ष के 'सीजफायर' की इनसाइड स्टोरी...
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर जैसे ही आई, और जेडीयू कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा. मुख्यमंत्री आवास पर पहुंच कर जेडीयू कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे. नीतीश कुमार के समर्थकों के निशाने पर जेडीयू के ही दो नेता हैं, जिन्हें वे विलेन बताने लगे हैं.
चुनाव नतीजे आने तक अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे नीतीश कुमार मुख्यमंत्री तो बन गए, लेकिन पनघट की राह अब भी बहुत कठिन बनी हुई है. नया पेच फंसा है गृह विभाग को लेकर, जिसे नीतीश कुमार अब तक अपने पास रखे हुए थे - सवाल है कि अगर सम्राट चौधरी को ये विभाग दिया गया तो क्या होगा?
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने शिवहर में बातचीत के दौरान कहा कि बिहार चुनाव में कोई माहौल नहीं है, जैसा 2010 में लहर थी, वही आज भी है. उन्होंने दावा किया कि एनडीए उम्मीदवार विजय सिन्हा लखीसराय से जीतेंगे और वहां का विधानसभा क्षेत्र एनडीए समर्थक है. ललन सिंह ने यह भी कहा कि चुनाव परिणाम आने पर सारे आकलन फैल हो जाएंगे और एनडीए भारी जीत दर्ज करेगा. उन्होंने वायरल वीडियो विवाद पर सफाई दी कि उनके बयान को काटकर चलाया गया, जबकि असली वीडियो में उन्होंने गरीबों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने की बात कही थी.