दलाल लिखता था थाने में पुलिस की केस डायरी, DIG की बड़ी कार्रवाई में 10 दारोगा निलंबित

बिहार के कोसी रेंज में पुलिस जांच को प्रभावित करने के आरोप में डीआईजी कुमार आशीष ने बड़ी कार्रवाई की है. सहरसा, सुपौल और मधेपुरा के 10 दारोगा को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है. मामले में एक कथित दलाल को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से लैपटॉप और पुलिस अनुसंधान से जुड़ी कई फाइलें बरामद हुई हैं.

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10 पुलिसकर्मियों पर गिरी निलंबन की गाज. (Photo: Screengrab) 10 पुलिसकर्मियों पर गिरी निलंबन की गाज. (Photo: Screengrab)

धीरज कुमार सिंह

  • सहरसा,
  • 03 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:35 PM IST

बिहार के कोसी रेंज में पुलिस महकमे से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है. सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले के 10 दारोगा को निलंबित कर दिया गया है. कोसी रेंज के डीआईजी कुमार आशीष ने यह कार्रवाई पुलिस अनुसंधान को प्रभावित करने और एक कथित दलाल के साथ मिलीभगत के आरोप में की है. डीआईजी ने सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के भी निर्देश दिए हैं.

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इस पूरे मामले की शुरुआत सहरसा जिले के सलखुआ थाना क्षेत्र से हुई. कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो में पुलिस अनुसंधान को प्रभावित किए जाने का मामला सामने आया था. वीडियो वायरल होने के बाद डीआईजी कुमार आशीष ने मामले की जांच के आदेश दिए.

जांच के दौरान सबसे पहले वीडियो में दिखाई देने वाले शख्स की पहचान की गई. इसके बाद उसे पकड़कर तलाशी ली गई. पुलिस के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति का नाम सतीश कुमार है, जो सलखुआ थाना क्षेत्र के बहुरउवा गांव का रहने वाला है. तलाशी के दौरान उसके पास से एक लैपटॉप और पुलिस अनुसंधान से जुड़ी कई फाइलें बरामद हुईं. इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

दलाल के इशारे पर चल रही थी जांच

जांच में यह भी सामने आया कि सतीश कुमार की सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले के कई दारोगा से कथित सांठगांठ थी. आरोप है कि वह अक्सर सलखुआ थाने में मौजूद रहता था और लोगों से पैसे लेकर पुलिस अनुसंधान को प्रभावित करता था. इतना ही नहीं, वह पुलिस की केस डायरी लिखने का काम भी करता था. पुलिस का कहना है कि इस तरह वह अवैध रूप से जांच प्रक्रिया में दखल देता था.

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मामले में डीआईजी कुमार आशीष ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सलखुआ थाना के थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक सुवेलाल पासवान, पंकज कुमार, जूही कुमारी, शिशुपाल रविदास, अरमोद कुमार, चन्द्रजीत प्रभाकर, पिंकी कुमारी, मनीषा कुमारी और घैलाढ़ थाना अध्यक्ष ज्योतिष कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. ये सभी पुलिसकर्मी सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले में तैनात थे. डीआईजी ने इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के भी निर्देश दिए हैं.

डीआईजी कुमार आशीष ने बताया कि वायरल वीडियो सामने आने के बाद डीजीपी के निर्देश पर पूरे मामले की जांच कराई गई. जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए. वीडियो के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति को पकड़कर जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से एक लैपटॉप और पुलिस अनुसंधान से जुड़ी कई फाइलें मिलीं. इससे साफ हुआ कि वह अवैध तरीके से पुलिस जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था.

डीआईजी के अनुसार आरोपी थाने में आता-जाता रहता था और लोगों से पैसे लेकर मामलों को प्रभावित करता था. वह पुलिस की केस डायरी भी लिखता था, जो पूरी तरह नियमों के खिलाफ है. उनका कहना है कि आरोपी पुलिस की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहा था. फिलहाल उसे गिरफ्तार कर जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है.

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डीआईजी ने कहा कि पुलिस विभाग में इस तरह की गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जांच में जिन पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आई है, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई है. विभागीय जांच के आधार पर आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.

DIG के एक्शन से मचा हड़कंप 

इस कार्रवाई के बाद कोसी रेंज के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. एक कथित दलाल के जरिए पुलिस अनुसंधान प्रभावित होने और केस डायरी लिखे जाने के आरोप ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है. फिलहाल पुलिस विभाग इस मामले की आगे की जांच कर रहा है और आरोपी दलाल के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है.
 

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