बिहार में विधान परिषद चुनाव के नतीजे आने में अभी तीन दिन बाकी हैं, लेकिन मोकामा के विधायक अनंत सिंह के सरकारी आवास पर जश्न की तैयारी शुरू हो गई थी. जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह की जीत के भरोसे मिठाई बन रही थी. अनंत सिंह दावा कर रहे थे कि JDU के उम्मीदवार नीरज कुमार चुनाव हारेंगे और अनुज सिंह जीतेंगे. लेकिन नतीजे आने से पहले ही उनकी अपनी पार्टी ने ऐसा फैसला ले लिया, जिससे पूरा घटनाक्रम बदल गया. पार्टी ने अनंत सिंह को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया. उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी पर भी कार्रवाई हुई है.
दरअसल, पटना स्नातक सीट पर 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था. अब 27 अक्टूबर को मतगणना होनी है. इस चुनाव में JDU ने नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया था, जबकि जन सुराज ने अनुज सिंह को मैदान में उतारा था.
अनंत सिंह ने अपनी पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन करने के बजाय अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार किया. उन्हें भरोसा था कि अनुज सिंह चुनाव जीतेंगे. इसी उम्मीद में उनके सरकारी आवास पर मिठाई और खाने-पीने की चीजें तैयार की जा रही थीं. उनका कहना था कि लोग घर आएंगे तो उन्हें मिठाई खिलाई जाएगी. चुनाव का नतीजा अभी आया भी नहीं था कि इस बीच JDU ने उनके खिलाफ निष्कासन का आदेश जारी कर दिया.
ललन सिंह की मुलाकात के बीच आया निष्कासन का आदेश
अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई का आदेश जारी होने से पहले ललन सिंह, नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे थे. बाद में नीतीश कुमार उन्हें छोड़ने के लिए उनके घर पहुंचे. इसी दौरान अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से बाहर करने का फैसला जारी हो गया.
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच मतभेद दूर करने की कोशिश पहले भी हुई थी. लेकिन विधान परिषद चुनाव में अनंत सिंह ने JDU के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज के अनुज सिंह का समर्थन किया. पार्टी ने इसे अपने निर्देशों के खिलाफ माना.
पार्टी ने बताई कार्रवाई की वजह
JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने 24 अक्टूबर को कार्यालय आदेश जारी किया. इसमें कहा गया है कि अनंत सिंह लगातार पार्टी के निर्देशों की अनदेखी कर रहे थे. उन पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अमर्यादित और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया गया है.
आदेश में विधान परिषद चुनाव के दौरान JDU उम्मीदवार के खिलाफ काम करने और दूसरे दल के प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने को भी कार्रवाई की वजह बताया गया है. इन्हीं आरोपों के आधार पर अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई और उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया.
नीलम देवी को भी पार्टी से निकाला
JDU ने अनंत सिंह की पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी की प्राथमिक सदस्यता भी रद्द कर दी है. उन्हें भी छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है. आदेश में नीलम देवी के दलविरोधी गतिविधियों में शामिल रहने की बात कही गई है.
विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश
JDU ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने के लिए बिहार विधानसभा अध्यक्ष से भी सिफारिश की है. पार्टी ने भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत कार्रवाई करने का अनुरोध किया है. हालांकि, पार्टी से निष्कासित होना और विधायक की सदस्यता खत्म होना अलग-अलग बातें हैं. फिलहाल JDU ने सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है. इस पर अंतिम फैसला संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होगा.
अब सभी की नजर 27 अक्टूबर को आने वाले पटना स्नातक सीट के नतीजों पर है. अनंत सिंह जिस अनुज सिंह की जीत का दावा कर रहे थे, उनकी किस्मत का फैसला मतगणना के बाद होगा. उससे पहले ही JDU ने अपने विधायक और उनकी पत्नी को पार्टी से बाहर करने का फैसला सुना दिया है.
शशि भूषण कुमार / रोहित कुमार सिंह