बिहार की जमुई पुलिस ने सात साल की सहाना खातून हत्याकांड का खुलासा कर दिया है. पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दोनों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. वारदात के 9 दिन बाद पुलिस आरोपियों को पकड़ पाई.
दरअसल, घटना 28 अगस्त की है. शाम के समय सहाना घर से किराना का सामान लेने निकली थी. वह जमुई के नीमारंग मोहल्ले की रहने वाली थी. काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की. आसपास के इलाकों और परिचितों के घरों में भी बच्ची को खोजा.
अगले दिन सुबह (29 अगस्त) बच्ची का शव नीमारंग मोहल्ले में एक अर्धनिर्मित मकान की बाउंड्री के पास मिला. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.
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नशे की हालत में बच्ची का गला दबाकर मर्डर
जमुई के प्रभारी एसडीपीओ सह साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार ने मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बच्ची को दोनों आरोपियों ने पकड़ लिया था.
दोनों ने उसका गला दबा दिया. इससे बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई. वारदात के बाद दोनों आरोपी वहां से भाग गए. कई दिनों की जांच के बाद दोनों आरोपियों को अलग-अलग जगहों से पकड़ा गया.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद सरफराज और तनवीर के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि पूछताछ में दोनों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है. इसके बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
वहीं इस बीच इस हत्याकांड के बाद जमुई पुलिस पर भी सवाल उठ रहे थे. पुलिस घटना के दिन से ही आरोपियों की तलाश में जुटी थी. कई जगहों पर छापेमारी की गई. नौवें दिन पुलिस को सफलता मिली.
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वहीं सूत्रों और स्थानीय लोगों के हवाले से कुछ और बातें भी सामने आई हैं. दावा किया जा रहा है कि मुख्य आरोपी सरफराज घटना के बाद सुबह कोलकाता चला गया था. पहचान छिपाने के लिए उसने बाल और मूंछ भी मुंडवा ली थी.
यह भी दावा किया जा रहा है कि हाथ पर मौजूद नाखून के निशान छिपाने के लिए उसने सिगरेट से हाथ जलाने की कोशिश की थी. हालांकि इन दावों की पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
बिहार सरकार की खेल और उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी. उन्होंने परिवार को जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिया था. पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है. गिरफ्तार दोनों आरोपियों से मिली जानकारी और दूसरे सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
राकेश कुमार सिंह