भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एमएलसी अवधेश नारायण सिंह मंगलवार को बिहार विधान परिषद के सभापति पद से इस्तीफा दे सकते हैं. एनडीए गठबंधन में फॉर्मूले के तहत अब विधान परिषद के सभापति का पद JDU के कोटे में जाना है. बताया जा रहा है कि जेडीयू एमएलसी रामवचन राय को यह जिम्मेदारी मिल सकती है.
जानकारी के मुताबिक अवधेश नारायण सिंह सोमवार को इस्तीफा देने वाले थे लेकिन कुछ कारणों से इस्तीफा नहीं हो पाया.
बता दें, अवधेश नारायण सिंह बिहार विधान परिषद के सभापति हैं. वे बीजेपी के एमएलसी हैं और गया स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. भोजपुर जिले के कोथुआं के रहने वाले अवधेश नारायण सिंह 1993 से बिहार विधान परिषद के सदस्य रहे हैं.
वे साल 2008–2010 में बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग के मंत्री रहे. अवधेश नारायण सिंह पहली बार अगस्त 2012 में बिहार विधान परिषद के सभापति बने.
वहीं, इससे पहले बीजेपी ने अपने विधान परिषद सदस्य देवेश कुमार का इस्तीफा करा दिया था. देवेश कुमार ने अपना इस्तीफा विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंपा था.
बताया गया कि देवेश कुमार पीछे के गेट से विधान परिषद के सभापति के कक्ष में पहुंचे थे. उन्होंने सभापति अवधेश नारायण सिंह को अपना इस्तीफा सौंपा और इसके बाद वहां से निकल गए. दूसरी तरफ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और अन्य नेता सामने के गेट से सभापति के पास पहुंचे थे. घटनाक्रम के दौरान दोनों तरफ से नेताओं की मौजूदगी ने इस पूरे मामले को और ज्यादा अहम बना दिया था.
शशि भूषण कुमार