बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने युवावस्था से ही राजनीतिक गलियारों में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. 'बिहार पंचायत आजतक' ' के मंच पर सम्राट चौधरी ने सरकार के शुरुआती डेढ़ सौ दिनों का लेखा-जोखा पेश करते हुए कानून-व्यवस्था, रोजगार सृजन और ढांचागत सुधारों पर अपनी प्राथमिकताएं गिनाईं. साथ ही बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी की हार पर सम्राट चौधरी ने बात रखी.
तीन दशकों से भी अधिक समय से भाजपा के कब्जे में रही और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर जन सुराज के प्रशांत किशोर ने जीत दर्ज की है. बांकीपुर उपचुनाव की हार क्या अगड़ी जातियों की नाराजगी रही, पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेहद सधे हुए अंदाज में अपना जवाब दिया
बांकीपुर हार पर बोले सम्राट चौधरी
विपक्ष द्वारा इसे सरकार और गवर्नेंस पर 'रेफरेंडम' करार देने के सवालों के जवाब में सम्राट चौधरी ने बेबाकी से स्वीकार किया कि किसी निर्णय या परिस्थिति में चूक हो सकती है. लोकतंत्र में जनता ही असली मालिक है और वही हराती व जिताती है. पार्टी और संगठन इस बात का गहन अध्ययन (समीक्षा) करेंगे कि आखिर कहां चूक हुई और बांकीपुर की जनता के मन में क्या नाराजगी रही.
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में एनडीए गठबंधन को 243 में से 202 सीटों के साथ पूर्ण और मजबूत बहुमत प्राप्त है. किसी एक सीट के उपचुनाव के नतीजे से पूरी सरकार के जनादेश या 122 के समर्थन पर सवाल नहीं खड़ा होता. किसी एक व्यक्ति जीत से कुछ होता नहीं है, ये लोकतंत्र है
प्रशांत किशोर और जन सुराज का मुद्दा
प्रशांत किशोर का नाम लिए बगैर कहा कि उनसे व्यक्तिगत मेरा कोई मामला नहीं है ना हमको जवाब देने का जरूरत है. 243 विधायक है 243 विधायक, कितने विधायक का जवाब दूंगा मैं. मेरा ये मानना है बिहार लोकतंत्र की धरती है, यहां जिसके पास 122 विधायकों का समर्थन मिला है, वही सरकार चलाएगा, एक व्यक्ति से बिहार की राजनीति नहीं बदलती. बिहार में 122 विधायकों का हमारी गठबंधन की सरकार को समर्थन प्राप्त है, हम लोग जनता का काम कर रहे हैं,
बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जीत वह बिहार में एक नई दस्तक दे रही है. इस पर सम्राट चौधरी ने कहा कि देखिये मेरा स्पष्ट मानना है, मैंने फिर कहा ना व्यक्तिगत मेरे इश्यू है, ना ही मेरी कोई लड़ाई है. बिहार की जनता के बीच में काम करने का मौका दिया है, काम करना है, 2030 काम करना है और 2030 में फिर चुनाव होगा, फिर पूरी बिहार की जनता देखेगी.
प्रशांत किशोर की इस जीत को विपक्ष 'नई दस्तक' और अपने नेतृत्व के खिलाफ जनमत बता रहा है, जिस पर सम्राट चौधरी ने बेहद सहजता से कहा कि यह लोकतंत्र है और हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है. उन्होंने व्यक्तिगत किसी भी टकराव को दरकिनार करते हुए कहा कि सरकार का ध्यान केवल और केवल बिहार के नौजवानों, छात्रों और राज्य के समग्र विकास पर केंद्रित है.
भरत एनकाउंटर पर क्या बोले सीएम सम्राट
बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर और राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी सरकार का रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अपराध के खिलाफ सख्त है, लेकिन पुलिस की किसी भी मनमानी या चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
युवाओं में व्याप्त रोष और पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा. घटना की गंभीरता को देखते हुए 48 घंटे के भीतर न्यायिक कमेटी का गठन किया गया था. प्राथमिक रिपोर्ट में पुलिस की चूक (लैप्स) पाई गई.मामले में दोषी पाए गए पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उन्हें जेल भेजा गया है. अब न्यायालय के जरिए उन्हें जल्द से जल्द सजा दिलाई जाएगी,
मुख्यमंत्री ने स्वयं पीड़ित परिवार और भरत तिवारी की माताजी से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और हर संभव मदद का भरोसा दिया. इसके साथ हीसम्राट चौधरी ने कहा कि सुशासन केवल कानून के शासन से ही संभव है. अपराधी किसी भी वर्ग, जाति या धर्म का हो, उसे पुलिस को चुनौती देने का अधिकार नहीं है
उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में हेरफेर करने वाले भूमाफियाओं और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए कड़े कानून बनाए जा रहे हैं। यदि कोई दो बार चार्जशीटेड होता है, तो उसे गुंडा एक्ट के तहत डेढ़ साल के लिए जेल में बंद रखने का प्रावधान किया जा रहा है।
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