'बर्दाश्त नहीं होगा...' ऐसी गाड़ियों पर पुलिस की नज़र, Thar-Scorpio सहित 141 वाहन जब्त

जयपुर पुलिस ने भारतीय मोटर वाहन कानून के उल्लंघन पर महज तीन दिनों में 141 वाहन जब्त किए है. इनमें 100 चारपहिया वाहन और 41 टू-व्हीलर शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि, नियमों का उल्लंघन करना बर्दाश्त नहीं होगा, अब सड़क पर स्टाइल नहीं कानून चलेगा.

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जयपुर पुलिस ने अभियान चलाकर 3 दिनों में इन सभी वाहनों को सीज़ किया है. Photo: X/@jaipur_police जयपुर पुलिस ने अभियान चलाकर 3 दिनों में इन सभी वाहनों को सीज़ किया है. Photo: X/@jaipur_police

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 10:10 AM IST

Mahindra Thar & Scorpio Seized: जयपुर की सड़कों पर पिछले तीन दिनों में कुछ ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने पूरे शहर को चौंका दिया. पुलिस की गाड़ियों की कतारें, ड्रोन से निगरानी, सायरन की तड़तड़ाहट और बीच सड़क पर रुकीं वो काली खिड़की वाली महिंद्रा थार और स्कॉर्पियो.... सब मिलकर एक ऐसा नज़ारा बना रहे थे जैसे कोई बड़ा अभियान चल रहा हो.

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पुलिसकर्मी जब कार के विंडो पर लगे ब्लैक फिल्म को उंगलियों से पकड़कर खींचते, तो वह सिर्फ प्लास्टिक नहीं उतरता, शहर में फैला डर, बेपरवाही और अपराध की परछाईं भी साथ छिलती हुई महसूस होती. तीन दिन में 141 गाड़ियां जब्त होना सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, एक ऐलान है कि जयपुर अब नियमों के नाम पर चल रही मनमानी 'बर्दाश्त' नहीं करेगा. ये वह कहानी है जहां कानून सिर्फ लिखा हुआ नहीं, सड़क पर खड़ा नजर आ रहा था, और इस बार यह तय करके कि छूट किसी को नहीं मिलेगी.

ब्लैक फिल्म और मॉडिफिकेशन पर बड़ी कार्रवाई

जयपुर पुलिस ने भारतीय मोटर वाहन कानूनों के उल्लंघन पर तीन दिनों में 141 वाहन जब्त किए है. इनमें 100 चारपहिया वाहन और 41 ऐसे टू-व्हीलर शामिल थे जिनमें या तो अवैध ब्लैक फिल्म का इस्तेमाल किया गया था या खतरनाक मॉडिफिकेशन किए गए थे. कार्रवाई का उद्देश्य शहर में ट्रैफिक उल्लंघनों पर अंकुश लगाना और उन वाहनों को रोकना था जिन्हें अक्सर अपहरण, लूट या चेन स्नैचिंग जैसी घटनाओं से जोड़ा जाता है.

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थार और स्कॉर्पियो पर नज़र

पुलिस ने इस अभियान के दौरान बीते 3 दिनों में 33 महिंद्रा थार, 23 ब्लैक स्कॉर्पियो, 44 अन्य काले शीशे लगे वाहन और 41 मॉडिफाइड दोपहिया वाहनों को जब्त किया है. पुलिस ने X (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर किए अपने पोस्ट में कहा कि, "न चलेगा ब्लैक ग्लास और न बर्दाश्त होगा मॉडिफाइड साइलेंसर का शोर. स्टाइल नहीं अब सड़क पर सुरक्षा चलेगी."

यह अभियान मोटर व्हीकल्स एक्ट के तहत चलाया गया. डीसीपी राजाश्री राज वर्मा ने मोर्चा संभाला, वहीं एडिशनल डीसीपी ललित शर्मा निगरानी में रहे. इस दौरान पुलिस ने ऐसी गाड़ियों को निशाने पर रखा जिन पर गाढ़ी ब्लैक फिल्म, हाई-परफॉर्मेंस मॉडिफिकेशन या तेज़ आवाज़ वाले एग्जॉस्ट (साइलेंसर) लगे थे.

‘Jaipur Dronie’ द्वारा इंस्टाग्राम पर साझा एक वीडियो ने पूरे अभियान की तस्वीर शहर को दिखा दी. वीडियो की शुरुआत एक ब्लैक महिंद्रा स्कॉर्पियो क्लासिक से होती है, जिसकी पूरी काली खिड़कियां पुलिसकर्मी मौके पर ही उतारते दिखते हैं. इसके बाद कैमरा कई ब्लैक महिंद्रा थार गाड़ियों की कतार पर जाता है जिन पर भी कार्रवाई की गई.

इन बाइक्स पर भी चला डंडा

कार्रवाई केवल कारों तक सीमित नहीं रही. कई रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिलें और एक केटीएम आरसी स्पोर्ट्स बाइक तेज़ आफ्टरमार्केट एग्जॉस्ट के चलते जब्त की गईं. ड्रोन शॉट्स में नजर आता है कि दर्जनों महिंद्रा थार, स्कॉर्पियो क्लासिक, हुंडई क्रेटा और कई सेडान गाड़ियां एकसाथ खड़ी हैं, जो इस अभियान के पैमाने का अंदाज़ा देती हैं.

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स्टीकर, डीकल और ब्लैक फिल्म हटाए गए

वीडियो के अंत में पुलिस अधिकारी गाड़ियों से स्टिकर, डीकल और हर तरह की ब्लैक फिल्म हटाते दिखाई देते हैं. डीसीपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे अभियान की निगरानी की, जिससे स्पष्ट संदेश गया कि नियमों का पालन अब सख्ती से सुनिश्चित कराया जाएगा.

क्या कहता है कानून 

सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स 1989 के नियम 100(2) और 2012 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत वाहनों की विंडस्क्रीन और साइड विंडो पर किसी भी तरह की ब्लैक फिल्म या VLT फिल्म का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है. यह नियम सड़क सुरक्षा और विजिबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है. यहां तक कि साफ दिखने वाली UV-प्रोटेक्शन फिल्म भी वाहन के फैक्ट्री से निकलने के बाद लगाई जाए तो अवैध मानी जाती है.

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