पेट्रोल से इथेनॉल अलग करने का तरीका वायरल! क्या होगा आपकी गाड़ी पर असर

Can ethanol be separated from petrol: सोशल मीडिया पर इन दिनों इथेनॉल को पेट्रोल से अलग करने का तरीका कई वीडियोज में बताया जा रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन वीडियोज में दिखाया गया है कि कैसे पेट्रोल में पानी मिलाकर इथेनॉल को अलग किया जा सकता है. ऐसे में कई लोगों का सवाल है कि क्या वास्तव में ऐसा किया जा सकता है.

Advertisement
E20 पेट्रोल से इथेनॉल को अलग करने वाले कई वीडियो वायरल हो रहे हैं. (Photo: Pexels) E20 पेट्रोल से इथेनॉल को अलग करने वाले कई वीडियो वायरल हो रहे हैं. (Photo: Pexels)

अभिषेक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 03 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:19 AM IST

E20 पेट्रोल की एंट्री के बाद से सोशल मीडिया पर एक तरह का कंटेंट खूब वायरल हो रहा है. इन वायरल वीडियोज में दावा किया जा रहा है कि पेट्रोल में पानी मिलाकर इथेनॉल को आसानी से अलग किया जा सकता है. ऐसे वीडियोज के वायरल होने के बाद कई लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या ऐसा किया जा सकता है. 

Advertisement

साथ ही एक सवाल ये भी है कि क्या इस प्रक्रिया के बाद बचे हुए पेट्रोल को इस्तेमाल किया जा सकता है. साइंस की नजर से देखें, तो इंथेनॉल पानी में घुल जाता है, जबकि पेट्रोल पानी में नहीं घुलता है, इसे फेज सेपरेशन कहा जाता है. यानी इस प्रक्रिया का इस्तेमाल करके इथेनॉल और पेट्रोल को अलग किया जा सकता है. 

ज्यादातर वीडियो में जो प्रॉसेस वायरल हो रहा है वो कुछ-कुछ ऐसा ही है. जिसमें एक इथेनॉल ब्लेंड पेट्रोल को पानी के साथ मिलाकर कुछ देर के लिए छोड़ दिया जाता है और फिर पेट्रोल-इंथेनॉल अलग हो जाते हैं. वास्तव में ये प्रक्रिया जैसे वीडियोज में दिखाई जा रही है उतनी आसान और सुरक्षित नहीं है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट? 

कार्स अनलिमिटेड ने फाउंडर मुस्तफा सिंगापुरवाला ने बताया, 'ऐसे वीडियोज को लेकर लगातार सवाल हो रहा है, जिनमें लोग पेट्रोल में पानी मिलाकर दावा करते हैं कि उन्होंने इथेनॉल को अलग कर लिया है. इसके पीछे थोड़ी असली केमिस्ट्री है, लेकिन जिस तरह से इसे ऑनलाइन पेश किया जा रहा है, वह भ्रामक है, और इसे घर पर आजमाना एक बुरा विचार है.'

Advertisement

'इथेनॉल हाइग्रोस्कोपिक (Hygroscopic) होता है, यानी ये पेट्रोल और पानी दोनों के साथ मिल जाता है. किसी भी E10 या E20 ब्लेंड में, फ्यूल थोड़ी मात्रा में पानी को बिना किसी नुकसान के घोल में रख सकता है. इस पर हुए अध्ययन बताते हैं कि वाटर टॉलरेंस इथेनॉल की मात्रा बढ़ने के साथ बढ़ती है, यानी E20, E10 की तुलना में ज्यादा नमी को बिना किसी समस्या के सहन कर सकता है.' 

यह भी पढ़ें: Ethanol पर चलने वाली बाइक कब लाएगा Yamaha? कंपनी ने बताया क्या है प्लान

...तो क्या साफ पेट्रोल मिल जाएगा?

'समस्या तब शुरू होती है जब ये सीमा पार हो जाती है. पर्याप्त पानी डालने पर इथेनॉल पूरी तरह पेट्रोल से अलग हो जाता है. इसे ही फेज सेपरेशन (phase separation) कहते हैं. ऊपर एक कम-ऑक्टेन पेट्रोल की परत बन जाती है और नीचे इथेनॉल-पानी की परत जमा हो जाती है, ठीक वहीं जहां से फ्यूल पंप आमतौर पर ईंधन खींचता है.'

उन्होंने बताया, 'इस पूरे प्रॉसेस के बाद आपको साफ पेट्रोल वापस नहीं मिलता है. बल्कि आपने दो ऐसे बैच बना दिए हैं जो दोनों ही मानक से बाहर हैं. ऊपर वाली परत अपना ऑक्टेन खो देती है, क्योंकि इथेनॉल ही उस नंबर को बढ़ाने में योगदान देता है. नीचे वाली परत लगभग बेकार होती है और टंकी में पड़ी रहकर समय के साथ जंग का कारण बन सकती है.'

Advertisement

यह भी पढ़ें: Ethanol Explained: कार, किसान और कारोबार, इथेनॉल के नशे की 'महागाथा'

'E20 के सवाल पर विशेष रूप से बात करें तो, 'E20-रेडी' का मतलब है कि इंजन की सील, होज और ECU कैलिब्रेशन सही तरीके से ब्लेंड किए गए 20 फीसदी इथेनॉल फ्यूल को संभालने के लिए बनाए गए हैं, ना कि उस फ्यूल के लिए जिसे पानी से अलग किया गया हो.' 

गाड़ी की टंकी में पानी चला जाए तब क्या करें?

'भारत में वाहन मालिकों ने सही तरीके से ब्लेंड किए गए E20 के साथ भी माइलेज घटने और इंजेक्टर की शिकायतें दर्ज की हैं. ऐसा कई रिपोर्ट्स और सर्वे डेटा में सामने आया है, जिसमें लगभग एक-तिहाई पुराने (2022 से पहले के) वाहनों में फ्यूल लाइन और इंजेक्टर घिसाव की बात कही गई है.'

'अगर उसी इंजन को फेज-सेपरेटेड फ्यूल दिया जाए, तो स्टार्टिंग में परेशानी, मिसफायर और फ्यूल सिस्टम पर लंबे समय तक असर होना तय है. अगर आपकी गाड़ी की टंकी में पानी चला जाता है, तो सही तरीका ये है कि टंकी को खाली करें और ताजा फ्यूल भरें, ना कि गैराज में पानी की बोतल से कोई प्रयोग करें.'

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »