भारत में शहद का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है. हालांकि दुनिया में सबसे ज्यादा शहद बनाने वाला देश चीन है, लेकिन उत्पादन बढ़ाने की रफ्तार के मामले में भारत उससे आगे निकलता दिख रहा है. दूसरी ओर, शहद उत्पादन में तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाले तुर्की और ईरान में उत्पादन में गिरावट देखने को मिल रही है.
दुनियाभर में शहद की मांग लगातार बनी हुई है और अमेरिका इसका सबसे बड़ा आयातक है. वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्राजील का शहद सबसे महंगे दाम पर बिकता है. इसके उलट भारत के लिए तस्वीर थोड़ी अलग है. उत्पादन बढ़ने के बावजूद भारतीय शहद को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर कीमत नहीं मिल पा रही है, बल्कि इसके दाम में गिरावट आई है. हाल ही में APEDA और CRISIL की संयुक्त रिपोर्ट में भी इस ट्रेंड का जिक्र किया गया है.
फिर भी भारत ग्लोबल मार्केट में अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. हाल में APEDA की मदद से एक किसान उत्पादक संगठन यानी FPO ने सरसों के शहद की एक खेप दुबई को एक्सपोर्ट की. वहीं, भारतीय शहद की क्वालिटी और वैरायटी को बेहतर बनाने के लिए हिमालयी क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. इसका मकसद न सिर्फ उत्पादन बढ़ाना है, बल्कि भारतीय शहद को दुनिया के बाजार में बेहतर पहचान और कीमत दिलाना भी है.
भारत में उत्पादन बढ़ा
2025 में चीन ने करीब 5.30 लाख टन शहद का उत्पादन किया था, जो 2026 में बढ़कर 5.50 लाख टन होने का अनुमान है. वहीं भारत का उत्पादन 2025 के 1.46 लाख टन से बढ़कर इस साल करीब 1.54 लाख टन पहुंच सकता है. खास बात यह है कि तुर्की और ईरान जैसे बड़े शहद उत्पादक देशों में उत्पादन करीब 2 फीसदी घटा है, जबकि भारत की उत्पादन और एक्सपोर्ट ग्रोथ तेज बनी हुई है.
APEDA और CRISIL की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल भारत का शहद एक्सपोर्ट करीब 9 फीसदी बढ़ सकता है, जबकि चीन के एक्सपोर्ट में करीब 6 फीसदी की बढ़ोतरी का अनुमान है. हालांकि उत्पादन और एक्सपोर्ट बढ़ने के बावजूद भारतीय शहद के दाम को लेकर तस्वीर अच्छी नहीं है. 2025 में भारत से शहद करीब 2,050 डॉलर प्रति टन के भाव पर एक्सपोर्ट हुआ था, जो इस साल घटकर करीब 1,645 डॉलर प्रति टन रह सकता है, यानी कीमत में करीब 20 फीसदी तक की गिरावट संभव है. इसके मुकाबले ब्राजील का शहद सबसे महंगा रह सकता है, जिसकी कीमत 2025 के 3,240 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 2026 में करीब 3,390 डॉलर प्रति टन पहुंचने का अनुमान है.
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