खेती की लागत घटाने और सीमित संसाधनों में अधिकतम उत्पादन लेने के लिए ICAR-IIVR ने ग्राफ्टिंग तकनीक का सफल प्रयोग किया है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संस्थान का अवलोकन कर इन नवाचारों को 'स्मार्ट फार्मिंग का भविष्य' करार दिया. वैज्ञानिकों ने दो अलग-अलग प्रजातियों के पौधों को जोड़कर अद्भुत सफलता हासिल की है:
पोमेटो (Pomato): इसमें टमाटर और आलू के पौधों को ग्राफ्ट किया गया है. जमीन के ऊपर लाल टमाटर फलते हैं और उसी पौधे की जड़ों में मिट्टी के नीचे आलू उगते हैं.
ब्रिमेटो (Brimato): इस तकनीक में बैंगन और टमाटर को एक ही पौधे में उगाया जा रहा है. एक ही डाल पर आपको बैंगन और टमाटर, दोनों मिल सकते हैं.
किसानों को क्या होगा फायदा?
कृषि मंत्री के सख्त निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वैज्ञानिकों और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इन तकनीकों को केवल लैब तक सीमित न रखकर जल्द से जल्द किसानों के खेतों तक पहुंचाया जाए. देखें एक वीडियो:-
उन्होंने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण बीज और ग्राफ्टेड पौध किसानों को उपलब्ध कराई जाए. वहीं, किसानों को आधुनिक नर्सरी के जरिए तैयार पौधे दिए जाएं ताकि उन्हें शुरुआत से ही सफलता मिले.