Subsidy on organic farming: केमिकल युक्त खेती से जमीन की उत्पादकता से लेकर लोगों की स्वास्थ्य तक पर बुरा असर पड़ा हैं. फसलों में रासायनिक कीटनाशकों की वजह से कैंसर जैसी बीमारियां आम हो गई हैं. इस बीच जैविक खेती एक बहुत बड़ा विकल्प उभर कर सामने आया है.
जैविक खेती करने पर मिलती है सब्सिडी
जैविक खेती की तरफ किसान तेजी से रुख करें, इसको लेकर कई तरह की योजनाएं भी लॉन्च की जाती है. कई राज्यों मे ंकिसानों को जैविक खेती करने के लिए सब्सिडी भी दिया जाता है. वहीं, उत्कृष्ट तरीके से ऑर्गेनिक फार्मिंग करने वाले किसानों को पुरस्कार भी दिया जाता है. इसके अलावा सरकार की तरफ से किसानो ंके बीच जैविक खेती को लेकर कई तरह के ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलाए जाते हैं.
10, 800 रुपये सालाना की आर्थिक सहायता
हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार ने ‘मध्य प्रदेश प्राकृतिक कृषि विकास योजना’ नाम से एक योजना लॉन्च की है. इस योजना के माध्यम से जैविक खेती करने वाले किसानों को 10,800 रुपए की सहायता की जाएगी, लेकिन शर्त ये है कि ये किसान पशुपालन भी करते हों. पशुपालन ना करने वाले किसान इस योजना के पात्र नहीं होंगे.
ऐसे होगा योजना के लाभार्थियों का चुनाव
बता दें कि इस योजना में प्रत्येक 5 लाभार्थी किसानों को चुना जाएगा और उन्हें गौ आधारित खेती करने की ट्रेनिंग भी दी जायेगी .मध्यप्रदेश में कुल 52 जिले हैं, जिसमें 5200 गांव और इन गांवों में लगभग 26,000 किसान हैं, जिन्हें इस योजना में शामिल किया जाएगा.
प्रति महीने मिलेंगे इतने रुपये
इस योजना के माध्यम से कम से कम एक एकड़ में प्राकृतिक खेती के साथ-साथ गौ पालन और पशुपालन करने वाले किसानों को प्रति गाय 900 रुपए प्रति माह अनुदान दिया जाएगा. यानी एक गाय का भी पालन करने वाला किसान सालाना 10,800 रुपये पाने का पात्र होगा.