अगर आप कद्दू की खेती करना चाहते हैं और अच्छी क्वालिटी के बड़े-बड़े कद्दू की बढ़िया पैदावार की उम्मीद रखते हैं तो नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन (NSC) की काशी हरित वैरायटी के बीज चुनें. कद्दू की ये किस्म किसानों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है, क्योंकि इसमें तेजी से विकास होता है और फसल अच्छी आती है.
काशी हरित एक हाइब्रिड वैरायटी है जो भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) से जुड़ी हुई है. इसमें पौधे की बेलें मजबूत और फैलाव वाली होती हैं. फल मध्यम से बड़े आकार के (लगभग 4 से 6 किलो वजन वाले) होते हैं. इनका रंग गहरा हरा या हल्की धारियों वाला होता है. गूदा (पल्प) पीला-नारंगी रंग का, मोटा और स्वादिष्ट होता है. यह वैरायटी की खास बात है कि खेत में एक समान फल लगते हैं.
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अगर आप भी काशी हरित वैरायटी के बीज खरीदना चाहते हैं, तो NSC का 5 ग्राम बीज का पैक सिर्फ 35 रुपये में मिल रहा है. जिसे आप घर बैठे आसानी से ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं.
कहा जाता है कि अगर कद्दू की काशी हरित वैरायटी की खेती सही तरीके से की जाए तो 15 से 20 टन प्रति एकड़ तक की अच्छी पैदावार ली जा सकती है. सही समय पर बुवाई, पानी की व्यवस्था, खाद और कीट प्रबंधन हो तो किसान इस कद्दू की खेती से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
कब और कैसे बोएं बीज?
बुवाई का समय: ज्यादातर जगहों पर फरवरी-मार्च या जून-जुलाई में बुवाई की जाती है.
बीज दर: एक एकड़ में लगभग 1 से 1.5 किलो बीज काफी होता है, लेकिन छोटे पैक से शुरू करके भी ट्रायल किया जा सकता है.
खासियत: अंकुरण दर अच्छी होती है. पौधे तेजी से बढ़ते हैं और कद्दू जल्दी तैयार होते हैं.
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि काशी हरित जैसी हाइब्रिड वैरायटी से पारंपरिक बीजों की तुलना में ज्यादा उत्पादन और बेहतर क्वालिटी मिलती है. खेत में जैविक खाद का इस्तेमाल करें, समय-समय पर सिंचाई करें और जरूरत पड़ने पर कीटनाशक का छिड़काव करें. NSC की काशी हरित वैरायटी न सिर्फ पैदावार बढ़ाएगी बल्कि बाजार में अच्छी कीमत भी दिलाएगी.