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UP: किसानों से खरीदी जाएगी पराली, इतने रुपये टन मिलेगी कीमत, जानें पूरा प्लान

यूपी के देवरिया में DM जे पी सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बायो एनर्जी बोर्ड की बैठक की गई. जिसमें DM ने पराली के व्यावसायिक प्रयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए और पराली निस्तारण को लेकर एग्रीगेटर उद्यमी और किसानों के साथ बैठक कर समन्वय स्थापित कराया, जिसमें एक आम सहमति बनी है. आइये जानते हैं इसकी पूरी प्लानिंग.

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10 tonnes of stubble was purchased for Rs 15,000 from a farmer. (Photo: India Today)
10 tonnes of stubble was purchased for Rs 15,000 from a farmer. (Photo: India Today)

पराली जलाने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान और किसानों पर होने वाले जुर्माना से बचने के लिए उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला प्रशासन ने पराली खरीदने की एक नई पहल की है. इससे किसानों को आर्थिक लाभ पंहुचेगा. इस पहल के तहत किसानों से डेढ़ सौ रुपये क्विंटल की दर से पराली खरीद की जाएगी. इसके लिए उद्यमी के रूप में शुभम बायो एनर्जी और इंडियन ऑयल कार्पोरेशन किसानों से पराली खरीद कर उससे बॉयो कोल बनाएगी.

शुभम बायो एनर्जी द्वारा रतनपूरा गांव के एक किसान से 15000 रुपये में 10 टन पराली खरीदी गई. जिसका चेक SDM सदर सौरभ सिंह द्वारा किसान दयानन्द गुप्ता को प्रदान किया गया. इसमें किसान अगर खेत से पराली बेचता है तो डेढ़ सौ रुपये क्विंटल मिलेगा. वहीं पराली को निर्धारित केंद्र पर ले जाकर बेचा गया तो 2 सौ रुपये क्विंटल की दर से कीमत मिलेगी. फिलहाल जिले में अभी एक ही पराली क्रय केंद्र खोला गया है और जल्द ही अन्य क्रय केंद्र खोलने का प्रयास किया जा रहा है ताकि किसानों को परेशानी न हो.

गौरतलब है कि DM जे पी सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बायो एनर्जी बोर्ड की बैठक की गई. जिसमें DM ने पराली के व्यवसायिक प्रयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए और पराली निस्तारण को लेकर एग्रीगेटर उद्यमी और किसानों के साथ बैठक कर समन्वय स्थापित कराया, जिसमें एक आम सहमति बनी है.

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इस बैठक में अभी दो उद्यमी शुभम बायो एनर्जी देवरिया और इंडियन ऑयल कारपोरेशन के उद्यमी आकाश श्रीवास्तव ने किसानों से पराली खरीद का आश्वासन दिया. शुभम बॉयो एनर्जी और कृषकों के बीच 150 रुपये की दर से पराली खरीद की सहमति बनी है. इसके मालिक हीरालाल गुप्ता ने बताया कि पराली का आधुनिक तकनीकी से  प्रयोग कर वे पराली से बॉयो कोल बनाएंगे.

DM ने पराली के व्यावसायिक उपयोग के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया कि पराली जलाने से किसानों को आर्थिक लाभ नहीं मिलता है. किसान पराली के माध्यम से अपनी आय में बढ़ोत्तरी कर सकते हैं. DM के मुताबिक, अभी और भी उद्यमियों से पराली खरीद की बातचीत चल रही, जिससे कि हर तहसील में उद्यमी और किसानों से पराली खरीदी जा सके. इसके लिए किसान गांव में AG ad से सम्पर्क करेंगे और अपनी पराली बेचने के बारे में बताएंगे, जिसके बाद पराली खरीदने वाली फर्म किसान से सीधे पराली खरीदेगी और उसका पैसा उन्हें तत्काल देगी.

इस मामले में ऊप कृषि निदेशक ने बताया कि जिले में समस्त खण्ड विकास अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पराली क्रय को प्रोत्साहन दे और भूसे को मुख्य पशु चिकित्सधिकारी से समन्वय कर गौशाला में उपलब्ध कराएं. उप कृषि निदेशक विकेश पटेल ने बताया कि सदर तहसील के रतनपुरा गांव में किसान दयानन्द गुप्ता से 10 टन पराली 15 हज़ार रुपये में शुभम बायो एनर्जी द्वारा खरीदा गया, जिसका चेक SDM सदर सौरभ सिंह द्वारा किसान को दिया गया. प्रशासन द्वारा किसानों को प्रोत्साहित करने का मकसद पराली न जलाए एक पहल की गई है.

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