खेती-किसानी का देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान है. कोविड महामारी के दौरान इसकी अहमियत लोगों को पता भी चली. उस दौरान देश के तकरीबन 80 करोड़ लोगों को भारत सरकार ने खाद्यान्न सुरक्षा प्रदान की. इसके साथ ही अन्य देशों की भी मदद की गई. इसी कड़ी में केंद्र सरकार अब लघु और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक नए प्लान पर काम कर रही है. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुताबिक किसानों और बाजार के बीच की दूरी कम करने, ग्रामीण इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने, बिचौलियों का दखल खत्म करने की योजना पर काम किया जा रहा है.
6,865 करोड़ रुपए बजट
देश में छोटे किसानों की संख्या अधिक है. निवेश की राशि उपलब्ध नहीं होने की वजह से ये किसान बढ़िया मुनाफा नहीं कमा पाते हैं. ऐसे किसानों के लिए केंद्र सरकार 10 हजार नए एफपीओ बना रही है. इसके लिए 6,865 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इससे छोटे-छोटे किसानों को जोड़ा जा रहा है.
किसानों का मुनाफा बढ़ाने की कोशिश
सरकार की कोशिश है कि किसान समूह में खेती करें, जिससे उनकी लागत कम आए, साथ ही उत्पादन गुणवत्ता को सुधारा जा सके. छोटे किसान महंगी फसलों की खेती कर सकें और बढ़िया मुनाफा हासिल कर सकें. इसके अलावा वह एफपीओ के जरिए उत्पादों की प्रोसेसिंग भी कर सकते हैं. साथ ही बिना गारंटी के दो करोड़ रुपये तक के लोन की व्यवस्था भी सरकार कर रही है.
विशेष पैकेज आवंटित
केंद्र सरकार ने तिलहन में आयात निर्भरता कम करने के लिए 11 हजार करोड़ रुपये के खर्च से ऑयल पाम मिशन शुरू किया है. देश में 28 लाख हेक्टेयर भूमि ऑयल पाम की खेती के लिए अनुकूल है. गांव-गांव इंफ्रास्ट्रक्चर पहुंचाने के लिए एक लाख करोड़ रुपये के एग्री इंफ्रा फंड का प्रावधान किया गया है. पशुपालन, मत्स्यपालन, औषधीय खेती के लिए भी विशेष पैकेज आवंटित किए गए हैं.
डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन पर चल रहा है काम
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन पर भी भारत सरकार काम कर रही है, जिससे किसान, बैंक व अन्य संस्थान जुड़े रहेंगे, क्रॉप आंकलन व जानकारी एकत्रित करेंगे, नुकसान का आंकलन भी तकनीक से किया जाएगा. इसके अलावा सरकार प्राकृतिक खेती पर भी जोर दे रही है.