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गेहूं खरीद पर 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे सरकार, किसान मोर्चा ने रखी मांग

अबकी बार गेहूं की फसल को बेमौसम बरसात ने खराब दिया था. खेतों में पानी लगे रहने की वजह से बुवाई में देरी हुई, वहीं जब कटाई का समय आया तो भयानक गर्मी की वजह से गेहूं की फसल अच्छे से पक नहीं पाई.

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Farmers demand 500 rupees bonus on per Quintal of wheat
Farmers demand 500 rupees bonus on per Quintal of wheat
स्टोरी हाइलाइट्स
  • किसान को प्रति एकड़ 8 से 10 क्विंटल गेहूं का नुकसान
  •  रूस और यूक्रेन के चलते कीमतों पर असर

हरियाणा में इस बार गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है. सबसे पहले बेमौसम बारिश से फसल को नुकसान हुआ, फिर झुलसाती हुई गर्मी गेहूं की खेती पर बेहद बुरा प्रभाव पड़ा. अब इसको लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने नुकसान की भरपाई करने के लिए प्रति क्विंटल 500 रुपये बोनस देने की मांग की है.

संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि प्रति एकड़ किसानों को 50 से 60 क्विंटल गेहूं का उत्पादन हासिल होता था. लेकिन इस बार केवल  35 से 45 प्रति क्विंटल गेहूं का उत्पादन हुआ है. अबकी बार किसान को प्रति एकड़ 8 से 10 क्विंटल गेहूं का नुकसान है.

अबकी बार गेहूं की फसल को तो बेमौसम बरसात ने खराब कर दिया था. जब गेहूं बुवाई का समय आया तो खेतों में पानी लगा हुआ था . जिसके चलते गेहूं की बुवाई में देरी हुई. जब गेहूं कटाई का समय आया तो उससे पहले ही गर्मी इतनी बढ़ गई कि गेहूं की फसल अच्छे से पक नहीं पाई.

किसानों का मानना है कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के चलते भी उन्हें अच्छा-खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं की कीमतें भी अचानक से बढ़ गई है. हरियाणा के सोनीपत जिले की अनाज मंडी के आढ़तियों की माने तो अबकी बार पिछले साल से 45 से 50 प्रतिशत गेहूं की आवाक मंडी में कम हुई है.

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वहीं, सोनीपत के पवन बंसल नाम के आढ़ती ने बताया कि अबकी बार सोनीपत की अनाज मंडी में गेहूं की आवाक इसलिए भी कम हुई है कि दिल्ली की नरेला अनाज मंडी में गेहूं का भाव ज्यादा है और किसान अपना गेहूं वही लेकर जा रहे हैं.

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