किसान धीरे-धीरे परंपरागत खेती से इतर तकनीकी खेती की तरफ रूख कर रहे हैं. यह उनके लिए फायदे का सौदा भी साबित हो रही है. इससे किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो रही है. साथ ही प्राकृतिक संसाधनों की काफी हद तक बचत हो रही है. हरियाणा के करनाल के गांव सगोही के रहने प्रगृतिशील किसान पवन खेती में नई तकनीकें अपना कर बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं.
शिमला मिर्च की खेती में 5 लाख रुपये से ज्यादा मुनाफा
किसान पवन ने बताया कि वे कई वर्षों से नेट हाउस में खेती कर रहे हैं. इसमें वह खीरा के अलावा अब रंग बिरंगी शिमला मिर्च लगा रहे हैं. शिमला मिर्च से प्रति नेट हाउस उन्हें 5 लाख रुपये का मुनाफा मिल रहा है. अगर रेट सही रहे तो ये मुनाफा 10 लाख रुपए से भी ज्यादा पहुंच जाता है.
अगस्त में बुवाई और नवंबर से तुड़ाई की शुरुआत
रंग बिरंगी शिमला मिर्च की बाजार में भारी डिमांड है. बाजार में इसके रेट भी काफी अच्छे रहते हैं. इस खेती पर जो खर्च आता हैं, उसे निकालकर काफी बचत होती है. पवन इन रंगीन शिमला मिर्च की खेती अगस्त से शुरू करते हैं. 15 नवंबर से तुड़ाई शुरू हो जाती है. यह फरवरी-मार्च तक चलती है. खेतों में ड्रिप विधि के उपयोग से सिंचाई की जाती है. इससे काफी हद तक पानी की बचत होती है.
नेट हाउस विधि अपनाने पर सरकार देती है बंपर सब्सिडी
पवन बताते हैं कि रंग बिरंगी शिमला मिर्च की खेती लाभदायक व फायदे वाली है. सरकार पहले नेट हाउस आदि लगाने पर 65 प्रतिशत सब्सिडी देती थी. अब 50 प्रतिशत तक कर दी है. किसान अगर सब्जियों की खेती रना चाहते हैं तो नेट हाउस जैसे वैज्ञानिक तरीके को ही अपनाएं. भले ही वह छोटे स्तर पर ही हो, लेकिन इससे किसानों को मुनाफा बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी.