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Corriander Farming: बरसात के बाद धनिया की कीमतों में आता है उछाल, कम वक्त में कमाएं ज्यादा मुनाफा

Corriander Farming: धनिया की फसल के लिए जल निकास वाली अच्छी दोमट भूमि सबसे अधिक उपयुक्त होती है. अच्छे जल निकास एवं उर्वरा शक्ति वाली दोमट या मटियार दोमट भूमि भी इसकी खेती के लिए काफी फायदेमंद होती है. बता दें कि इसकी खेती के लिए मिट्टी का पीएच मान 6.5 से 7.5 होना चाहिए.

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Corriander Farming
Corriander Farming
स्टोरी हाइलाइट्स
  • खेती के लिए दोमट मिट्टी उपयुक्त
  • पीएच मान 6.5 से 7.5 होना चाहिए

Corriander Farming: भारत में मसाले की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. इन फसलों से किसान कम वक्त में बढ़िया मुनाफा कमा सकता है. धनिया भी कुछ इसी तरह की फसल है. औषधीय गुणों की वजह से धनिया के पत्ते और बीजों की बाजार में काफी मांग रहती है. 

कृषि विशेषज्ञ दयाशंकर श्रीवास्तव के अनुसार, बरसात के मौसम में धनिया की फसल लगाना किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है. वह बताते हैं इस दौरान इसकी कीमतें अचानक से रफ्तार पकड़ती है. ऐसे में मात्र दो से तीन महीने में मुनाफा देने वाली इस फसल की खेती कर किसान बढ़िया मुनाफा कमा सकता है.

इस तरह की मिट्टी पर करें धनिया की खेती

धनिया की सिंचित फसल के लिये अच्छा जल निकास वाली अच्छी दोमट भूमि सबसे अधिक उपयुक्त होती हैय अच्छे जल निकास एवं उर्वरा शक्ति वाली दोमट या मटियार दोमट भूमि भी इसकी खेती के लिए काफी फायदेमंद होती है. बता दें कि इसकी खेती के लिए मिट्टी का पीएच मान 6.5 से 7.5 होना चाहिए.

कैसे करें बुवाई

धनिया की बुवाई से पहले इसके बीज को  हल्का रगड़कर बीजो को दो भागो में तोड़ लें. फिर इसका छिड़काव खेतों में कर लें. इसकी बुवाई पंक्तियों में करना काफी लाभदायक है. इसकी फसल को पहली सिंचाई बुवाई के 30-35 दिनों( पत्ति बनने की अवस्था) बाद जरूरत होती है. दूसरी सिंचाई 50-60 दिन बाद (शाखा निकलने की अवस्था), तीसरी सिंचाई 70-80 दिन बाद (फूल आने की अवस्था) तथा चैथी सिंचाई 90-100 दिन बाद (बीज बनने की अवस्था ) करना चाहिए. हल्की जमीन  में पांचवी सिंचाई 105-110 दिन बाद (दाना पकने की अवस्था) करना फायदेमंद है.

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कब करें कमाई

अगर धनिया की हरी पत्तियों को बाजार में बेचना चाहते हैं तो 45-60 दिनों में इसकी कटाई कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. वहीं, धनिया के बीज को हासिल करना चाहते तो इसके दाने को कठोर और पत्तियों के पीले होने तक का इंतजार करें.

कमा सकते हैं बंपर मुनाफा

भारत में बनने वाली हर सब्जी में धनिया की आवश्यकता होती है. इसे सूखा और हरी दोनों अवस्था में इस्तेमाल किया जाता है. कभी-कभी तो धनिया के बीज का प्रति क्विंटल भाव 10 हजार रुपये तक चला जाता है. वहीं पत्तियां की भी कीमत बाजार में 300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है.

 

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