अमेरिका में ओहियो के गवर्नर पद के लिए विवेक रामास्वामी ने मंगलवार को रिपब्लिकन पार्टी का नॉमिनेशन जीत लिया, जिससे डोनाल्ड ट्रंप के इस पक्के सहयोगी के लिए 'रस्ट बेल्ट' राज्य का शासन संभालने का रास्ता खुल गया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अनौपचारिक नतीजों में उन्होंने आम चुनाव में जगह बनाने के लिए केसी पुत्श को हराया. केसी पुत्श एक कार डिज़ाइनर हैं और उनका एक ऑटोमोटिव-थीम वाला यूट्यूब चैनल भी है.
रामास्वामी हेल्थ-टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक एंटरप्रेन्योर हैं. उन्हें 2024 में राष्ट्रपति पद के लिए ट्रंप के खिलाफ चुनाव लड़ने के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली थी. बाद में उन्होंने ट्रंप को अपना समर्थन दे दिया.
ओहियो के प्राइमरी चुनाव में भले ही वह रिपब्लिकन उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे, लेकिन उनका मुख्य निशाना डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन थीं. एमी एक्टन ओहियो की पूर्व पब्लिक हेल्थ डायरेक्टर हैं, जिन्होंने कोविड महामारी के दौरान राज्य की प्रतिक्रिया को दिशा दी थी और इस चुनाव में निर्विरोध खड़ी थीं.
नामांकन जीतने के बाद रामास्वामी ने क्या कहा?
जीत के बाद अपनी स्पीच में रामास्वामी ने ओहियो के वोटरों को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि असली मंज़िल तो नवंबर में मिलेगी.
आम चुनाव में रामास्वामी का मुकाबला एक्टन से होगा. उन्होंने अपने जीत के भाषण में कहा कि वह गवर्नर का चुनाव इसलिए लड़ रही हैं, जिससे ओहियो को फिर से ज़्यादा किफायती बनाया जा सके. उन्होंने कहा, "यह इतना मुश्किल नहीं होना चाहिए. अब वक्त आ गया है कि काम करने वाले परिवारों को सबसे पहले रखा जाए.
ओहियो के मौजूदा गवर्नर रिपब्लिकन माइक डेवाइन कार्यकाल सीमा की वजह से चुनाव नहीं लड़ सकते हैं. मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने विवेक वरामास्वामी की तारीफ की. उन्होंने कहा, "मैं विवेक को अच्छी तरह जानता हूं, मैंने उनके खिलाफ चुनाव लड़ा है और वह सचमुच कुछ 'खास' हैं. वह युवा, मज़बूत और होशियार हैं."
हाल के वर्षों में ओहियो रिपब्लिकन की ओर झुक गया है और रामास्वामी को अपनी पहचान और राज्य की रिपब्लिकन पार्टी के शीर्ष पदों में हुए फेरबदल से फ़ायदा मिला. यह फेरबदल वेंस के उपराष्ट्रपति पद पर पहुंचने की वजह से हुआ.
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कौन हैं विवेक रामास्वामी?
साल 2023 में विवेक रामास्वामी एक नए चेहरे के तौर पर नेशनल पॉलिटिक्स में उभरकर सामने आए. उन्हें सोशल मीडिया और पॉडकास्ट में शामिल होकर अपनी छवि को मज़बूत बनाने का हुनर आता था. उनकी तेज़ रफ़्तार बोलने की शैली और तीखे हमलों के कारण 2024 की रिपब्लिकन राष्ट्रपति बहसों के दौरान कई पल वायरल हुए, लेकिन मतदाताओं से कम समर्थन मिलने की वजह से उन्होंने जल्द ही अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली.
इसके बाद रामास्वामी ने 2024 की राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ के दौरान ट्रंप के एक प्रमुख प्रतिनिधि के तौर पर काम किया. वे ट्रंप के 'डिपार्टमेंट ऑफ़ गवर्नमेंट एफ़िशिएंसी' को शुरू करने की कोशिशों में भी शामिल रहे. बाद में उन्होंने इस प्रोजेक्ट की कमान एलन मस्क को सौंप दी.