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खामेनेई की मौत के बाद PAK में ​हिंसक प्रदर्शन, अमेरिका को बंद करना पड़ा अपना कांसुलेट

ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्तान में भड़के हिंसक प्रदर्शनों ने अमेरिकी राजनयिक मिशनों में कामकाज को प्रभावित किया है. हालात बिगड़ने पर अमेरिका ने पेशावर स्थित अपना कांसुलेट अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, जबकि कराची और लाहौर कांसुलेट में वीजा सेवाएं निलंबित कर दी हैं.

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 अमेरिका ने पाकिस्तान में रहने वाले अपने नागरिकों से सतर्क रहने और प्रदर्शनों से बचने का आग्रह किया. (Photo: AP)
अमेरिका ने पाकिस्तान में रहने वाले अपने नागरिकों से सतर्क रहने और प्रदर्शनों से बचने का आग्रह किया. (Photo: AP)

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्तान में भड़के हिंसक प्रदर्शनों ने अमेरिकी राजनयिक गतिविधियों को बुरी तरह प्रभावित किया है. हालात की गंभीरता को देखते हुए अमेरिका ने पेशावर स्थित अपने वाणिज्य दूतावास को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, जबकि कराची और लाहौर स्थित कांसुलेट में वीजा सेवाएं निलंबित कर दी हैं. पाकिस्तान में अमेरिकी मिशन ने बताया कि 2 मार्च से पेशावर स्थित कांसुलेट जनरल के सभी ऑपरेशन रोक दिए गए हैं.  पाकिस्तान में शिया आबादी की बड़ी मौजूदगी के चलते ईरान के समर्थन में प्रदर्शन जारी हैं और हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं.

वहीं, कराची और लाहौर में लगातार प्रदर्शनों, सड़कों की नाकेबंदी और अमेरिकी दफ्तरों के आसपास कड़े सुरक्षा इंतजामों के चलते 3 मार्च की सभी अपॉइंटमेंट्स रद्द करनी पड़ी हैं. हालांकि, इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास खुला है और वहां नियमित व आपातकालीन कांसुलर सेवाएं जारी रहने की उम्मीद जताई गई है. पूरे पाकिस्तान में 1 मार्च को उस समय प्रदर्शन भड़क उठे, जब अमेरिका और इजरायल ने अपने हवाई हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि की.

यह भी पढ़ें: अवाम ईरान, तो मुनीर अमेरिका के साथ... पाकिस्तान में सड़कों पर चल रहीं गोलियां, हालात हुए खराब

पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में अमेरिका विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक 35 से ज्यादा लोगों के मारे जाने और दर्जनों के घायल होने की खबर है. सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान भर में अमेरिकी कर्मचारियों की आवाजाही भी सीमित कर दी गई है. कराची में हालात सबसे ज्यादा तनावपूर्ण रहे, जहां प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में घुसने की कोशिश की. भीड़ ने बाहरी सुरक्षा घेरा तोड़ दिया, जिसके बाद सुरक्षा बलों के साथ झड़पें हुईं. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, गोलीबारी में कम से कम 12 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और 30 से अधिक घायल हुए.

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उधर, पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान के स्कर्दू में हिंसा के बाद तीन दिन का कर्फ्यू लगा दिया गया और सेना तैनात कर दी गई. स्थानीय पुलिस के अनुसार, यहां 12 लोगों की मौत और 80 से ज्यादा घायल हुए हैं. आक्रोशित भीड़ ने गिलगित में एक पुलिस थाने को आग के हवाले किया गया, जबकि स्कर्दू में प्रदर्शनकारियों ने यूएन मिलिट्री ऑब्जर्वर ग्रुप और यूएन डेवलपमेंटल प्रोग्राम के दफ्तरों पर हमला किया. अमेरिका ने पाकिस्तान में अपने नागरिकों को सतर्क रहने, प्रदर्शनों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है.

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