पश्चिम अफ्रीका में बढ़ते इस्लामिक स्टेट (ISIS) और बोको हरम के खतरे को देखते हुए अमेरिकी ने अहम कदम उठाया है. अमेरिका ने अब नाइजीरिया में अपने सैनिकों की एक टीम तैनात कर दी है. अमेरिकी अफ्रीका कमांड (AFRICOM) के प्रमुख जनरल डैगविन आर.एम. एंडरसन ने मंगलवार को इसकी आधिकारिक पुष्टि की.
क्रिसमस के दिन हुई अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद यह पहली बार है जब वाशिंगटन ने नाइजीरियाई जमीन पर अपने सैनिकों की मौजूदगी स्वीकार की है. यह पहली बार है जब नाइजीरिया में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि हुई है, खासकर उस अमेरिकी हवाई हमले के बाद, जो क्रिसमस के दिन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के ठिकानों पर किया गया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिसंबर में इन हमलों का आदेश दिया था और आगे भी सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए थे. AFRICOM प्रमुख के अनुसार, दोनों देशों के बीच सहमति बनी कि पश्चिमी अफ्रीका में आतंकवाद से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाया जाना जरूरी है.
आतंकवादियों के खिलाफ मोर्चा
इसी के तहत एक छोटी अमेरिकी टीम नाइजीरिया भेजी गई है, जो विशेष क्षमताओं के साथ काम कर रही है. हालांकि, टीम के आकार और मिशन के दायरे पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई.
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नाइजीरिया के रक्षा मंत्री क्रिस्टोफर मूसा ने भी अमेरिकी टीम की मौजूदगी की पुष्टि की, लेकिन उन्होंने भी विवरण साझा नहीं किया. एक पूर्व अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, यह टीम मुख्य रूप से खुफिया जानकारी जुटाने और नाइजीरियाई सुरक्षा बलों को आतंकवादी समूहों पर कार्रवाई में मदद कर रही है.
बोको हराम और इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस (ISWAP) के हमलों में हाल के महीनों में तेजी आई है. उत्तर-पश्चिमी नाइजीरिया लंबे समय से इस्लामी उग्रवाद का केंद्र बना हुआ है. अमेरिका ने हाल ही में सोकोतो राज्य में नाइजीरियाई अधिकारियों के साथ समन्वय में एक हवाई हमला कर कई ISIS आतंकियों को मार गिराने का दावा किया है.
अमेरिका ने नाइजीरिया पर ईसाई समुदाय की सुरक्षा को लेकर दबाव भी बढ़ाया है, हालांकि नाइजीरियाई सरकार ने किसी भी तरह के धार्मिक उत्पीड़न से इनकार किया है.