अमेरिकी सेना ने आधी रात के बाद वेनेजुएला की राजधानी काराकस पर धावा बोल दिया. अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के सैन्य और सामरिक अड्डों पर बमबारी की, फिर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अपनी गिरफ्त में लेकर न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो गई. इस कार्रवाई को अमेरिकी सेना की डेल्टा फोर्स ने अंजाम दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अमेरिकी सेना को बधाई दी है और कहा है कि यह ऐसा हमला था, जैसा लोगों ने दूसरे विश्वयुद्ध के बाद नहीं देखा था.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने आगे कहा कि यह काराकस के बीच में एक मजबूत किले के खिलाफ कार्रवाई थी, जिससे तानाशाह निकोलस मादुरो को न्याय के कठघरे में खड़ा किया जा सके. निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद अमेरिकी डेल्टा फोर्स न्यूयॉर्क ले जा रही है. राष्ट्रपति ट्रंप ने मादुरो की एक तस्वीर भी जारी की है, जिसमें वह बेड़ियों में जकड़े हुए हाथों में पानी की बोतल लिए नजर आ रहे हैं. मादुरो की आंखों पर पट्टी भी बंधी दिख रही है.
निकोलस मादुरो को अमेरिका ले जाया जा रहा है और इस बीच अमेरिका में मादुरो के खिलाफ न्यायिक अभियोग शुरू करने की तैयारियां भी तेज हो गई हैं. अमेरिकी सीनेटर माइक ली ने दावा किया है कि मादुरो को आपराधिक आरोपों का सामना करने के लिए पकड़ा गया है. उन्होंने दावा किया है मार्को रुबियो ने उनको यह जानकारी दी है कि वेनेजुएला में की गई सैन्य कार्रवाई के दौरान हमारा उद्देश्य ऑपरेटिव्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी था. इस पूरे ऑपरेशन को डेल्टा फोर्स ने अंजाम दिया.
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सद्दाम को डेल्टा फोर्स ने ही पकड़ा था
ईराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को पकड़ने का ऑपरेशन भी इसी डेल्टा फोर्स ने अंजाम दिया था. सद्दाम को ऑपरेशन रेड डॉन के तहत तिकरित के पास एक स्पाइडर होल से पकड़ा गया था. आईएसआईएस के सरगना अबू बकर अल बगदादी के खात्मे का मिशन भी इसी डेल्टा फोर्स ने अंजाम दिया था. डेल्टा फोर्स ने बगदादी को ऐसी मौत दी थी, कि उसकी पहचान की पुष्टि के लिए भी डीएनए टेस्ट का सहारा लेना पड़ा था.
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डेल्टा फोर्स ने पनामा के राष्ट्रपति को पकड़ा था
डेल्टा फोर्स ने 20वीं सदी में भी ऐसे कई ऑपरेशन अंजाम दिए थे. साल 1990 में पनामा के तत्कालीन राष्ट्रपति मैनुअल नोरिएगा को पकड़ा था. नोरिएगा पर भी अमेरिका ने कुछ वैसे ही आरोप लगाए थे, जैसे मादुरो पर लगाए गए हैं. संयोग से तब भी तारीख तीन जनवरी ही थी और मादुरो को पकड़कर देश से बाहर ले जाए जाने की तारीख भी तीन जनवरी ही है.