अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोमवार को ईरान के साथ हुई बातचीत को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ कूटनीतिक चर्चाओं में काफी महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है और अब गेंद ईरान के पाले में है. अमेरिका को उम्मीद है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने की दिशा में ठोस प्रगति करेगा.
जेडी वेंस ने सोमवार को फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम 'स्पेशल रिपोर्ट विद ब्रेट बायर' में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हालिया बातचीत में काफी प्रगति हुई है. वेंस ने कहा कि ईरान के साथ पाकिस्तान में हुई वार्ता के दौरान अच्छी चर्चाएं हुईं, जिनमें अमेरिका की प्राथमिकताएं स्पष्ट रूप से सामने आईं. उन्होंने बताया कि बातचीत में कुछ सकारात्मक संकेत मिले, हालांकि पूर्ण समझौता नहीं हो सका.
'ईरान के पाले है गेंद'
वहीं, जब इंटरव्यू में बातचीत के बारे में पूछे जाने पर वेंस ने 'बॉल इज इन ईरान्स कोर्ट' (गेंद ईरान के पाले में है) मुहावरे का इस्तेमाल करते हुए संकेत दिया कि तेहरान की प्रतिक्रिया ही ये तय करेगी कि कूटनीतिक संबंध किस दिशा में मुड़ेंगे. उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका ने अपनी मांगें और रेड लाइन्स बहुत स्पष्ट रूप से रख दी हैं और अमेरिका इस वक्त ईरान के अगले कदम का इंतजार कर रहा है.
महत्वपूर्ण मार्ग है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
वेंस ने आगे कहा कि अमेरिका ईरान से उम्मीद करता है कि वो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को खोलने की दिशा में जरूरी कदम उठाएगा. ये जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तेहरान इस दिशा में कदम नहीं उठाता तो बातचीत की दिशा बदल जाएगी.
इंटरव्यू के दौरान एक सख्त लहजा अपनाते हुए वेंस ने ये भी स्पष्ट किया कि बातचीत हमेशा एक जैसी नहीं रहेगी. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तेहरान उम्मीद के मुताबिक कदम उठाने में विफल रहता है तो बातचीत का तरीका और शर्तें बदल सकती हैं. अमेरिका अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक व्यापार हितों से समझौता नहीं करने के मूड में है.
USA ने की नाकाबंदी
उधर, अमेरिका ने रविवार को दावा किया कि अमेरिकी नौसैनिक को ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी ब्लॉकेड लगा दिया है, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है. वेंस ने ईरान पर आर्थिक आतंकवाद का आरोप भी लगाया और कहा कि अगर ईरान इस तरह का व्यवहार जारी रखता है तो अमेरिका भी उसी के अनुसार जवाब देगा. वर्तमान स्थिति में ईरान के साथ आगे की बातचीत का फैसला अब तेहरान पर निर्भर करता है. अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा और क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ है.