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होर्मुज पर अमेरिकी 'डेडलाइन' खत्म, ट्रंप की चेतावनी- नाकाबंदी तोड़ी तो समंदर में उड़ा देंगे जहाज

अमेरिका और ईरान आमने-सामने हैं. ट्रंप की नाकेबंदी की डेडलाइन पूरी हो चुकी है. ईरान ने भी खुली चुनौती दी है. वैश्विक ताकतें सतर्क हैं. तेल बाजार उथल-पुथल में है. सवाल बड़ा है कि क्या यह टकराव दुनिया को एक महायुद्ध की ओर धकेल देगा?

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इस्लामाबाद वार्ता फेल होने के बाद ट्रंप ने होर्मुज नहीं खुलने पर नाकेबंदी की धमकी दी थी. (File Photo: ITG)
इस्लामाबाद वार्ता फेल होने के बाद ट्रंप ने होर्मुज नहीं खुलने पर नाकेबंदी की धमकी दी थी. (File Photo: ITG)

होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तनाव का केंद्र बन गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तय की गई डेडलाइन अब खत्म हो चुकी है. अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर दी है. इसी बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने आक्रामक चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि इस नाकेबंदी को जो भी जहाज तोड़ने की कोशिश करेगा उसे समंदर में ही उड़ा दिया जाएगा.

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ''नाकाबंदी तोड़ने वाले जहाजों को वैसे ही उड़ाया जाएगा, जैसे हम ड्रग्स तस्करों के जहाज को नष्ट करते हैं.'' इसके साथ ही पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि अमेरिकी नाकेबंदी के खिलाफ ईरान कैसी प्रतिक्रिया देने वाला है. इस्लामाबाद में हुई अमेरिका-ईरान वार्ता की विफलता के बाद हालात तेजी से बिगड़े हैं. 

पाकिस्तान की कोशिशों के बावजूद दोनों देशों के बीच बात नहीं बनी है. ट्रंप ने साफ चेतावनी दी थी कि यदि होर्मुज नहीं खुला, तो अमेरिका किसी भी जहाज को ईरान की ओर आने-जाने नहीं देगा. भारतीय समय के अनुसार शाम साढ़े सात बजे ये डेडलाइन पूरी हो गई. इस ऐलान ने पहले ही समुद्री गतिविधियों को प्रभावित कर दिया है.

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ईरान ने ट्रंप की धमकी के जवाब में अपना रुख सख्त कर लिया है. ईरानी सुरक्षा बलों ने कहा है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा और उनके पास अभी भी कई सीक्रेट हथियार मौजूद हैं. ईरान ने अमेरिकी नाकेबंदी को गैरकानूनी बताते हुए होर्मुज स्ट्रेट पर अपने स्थायी नियंत्रण की बात कही है. इसके साथ चेतावनी भी दी है.

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ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए पेट्रोल कीमतों में भारी उछाल का इशारा किया. उन्होंने कहा कि नाकेबंदी के बाद दुनिया को मौजूदा कीमतें भी सस्ती लगेंगी. इस बढ़ते टकराव के बीच चीन ने सभी से संयम बरतने की अपील की है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने अपना स्टैंड साफ कर दिया है.

उन्होंने कहा कि ब्रिटेन युद्ध में शामिल नहीं होगा. उधर पोप लियो ने युद्ध के खिलाफ अपनी अपील दोहराई, लेकिन ट्रंप के तेवर नरम पड़ते नहीं दिख रहे. तनाव के बीच ट्रंप का आक्रामक रवैया लगातार चर्चा में है. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी एक AI तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वह खुद को ईसा मसीह जैसी छवि में दिखाते नजर आए.

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इस कदम ने उनके रवैये को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या ट्रंप अब किसी भी दबाव या आलोचना की परवाह नहीं कर रहे? होर्मुज पहले से ही रणनीतिक हथियार बन चुका है. ईरान के मुताबिक, उसने इस समुद्री क्षेत्र में माइन्स बिछा रखी हैं. उसने बिना अनुमति गुजरने वाले जहाजों पर भीषण हमले की चेतावनी दी है.

हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य ताकत कमजोर हो चुकी है. उसकी नौसेना प्रभावी नहीं रही. अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है. उसके विध्वंसक युद्धपोत पहले से तैनात हैं. इसके अलावा परमाणु पनडुब्बी भी क्षेत्र में सक्रिय हैं. अमेरिका ने कहा कि वो समुद्री माइन्स हटाने की कार्रवाई करेगा. 

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इस बीच इज़राइल ने भी अपनी सैन्य तैयारी तेज कर दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेन गुरियन एयरपोर्ट पर अमेरिकी KC-135 रिफ्यूलिंग विमान तैनात किए गए हैं. लेबनान में हिज्बुल्लाह के साथ संघर्ष भी जारी है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चेतावनी दी है कि वेस्ट एशिया संकट अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है.

तेल सप्लाई और समुद्री व्यापार पर असर पड़ने से दुनिया भर के बाजारों में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है. होर्मुज सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की धड़कन है. यहां टकराव का मतलब है तेल, व्यापार और कूटनीति पर असर पड़ना तय है. ट्रंप की सख्त नीति और ईरान की चुनौती ने हालात को विस्फोटक बना दिया है. 

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