अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ बातचीत को तैयार हैं. वह जेडी वेंस की अगुवाई में अपना डेलिगेशन पाकिस्तान भेज रहे हैं. लेकिन ईरान अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है. इस बीच एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप से सीजफायर को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने बहुत विस्फोटक जवाब दिया.
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की अवधि मंगलवार को समाप्त हो रही है. ऐसे में ट्रंप ने पीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि सीजफायर की अवधि खत्म होने पर बहुत सारे बम फटने शुरू होंगे.
यह पूछने पर कि क्या ईरान इस्लामाबाद में होने जा रही वार्ता में अभी भी शामिल होने जा रहा है. इस पर ट्रंप ने कहा कि मुझे पता नहीं. वे वहां हो सकते हैं. हमारे बीच इसे लेकर सहमति बनी थी.
जब ट्रंप से यह पूछा गया कि इस्लामाबाद में वार्ताकार टीम से उनकी क्या उम्मीद हैं? इस पर ट्रंप ने कहा कि कोई परमाणु हथियार नहीं. ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता.

वहीं, ट्रंप यह भी कह चुके हैं कि वह इस बातचीत को लेकर गंभीर हैं और अगर उन्हें मौका मिलता है तो वे ईरानी नेतृत्व से सीधे मिलने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि मुझे उनसे मिलने में कोई समस्या नहीं है. अगर वे मिलना चाहते हैं, तो हमारे पास बहुत सक्षम लोग हैं. मुझे खुद मिलने में भी कोई दिक्कत नहीं है.
अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि ईरान के खिलाफ युद्ध का फैसला उनका खुद का था और इसमें इजराइल की कोई भूमिका नहीं थी. ट्रंप ने कहा कि इजराइल ने मुझे ईरान के साथ युद्ध में नहीं धकेला. इस फैसले की वजह ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देना और सात अक्टूबर 2023 को इजराइल हमास की हमले की घटना थी.
वहीं, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के इस्लामाबाद दौरे से पहले C-17 ग्लोबमास्टर III जैसे भारी अमेरिकी सैन्य विमान रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर उतरे हैं. यह एयरबेस इस्लामाबाद के बेहद करीब है. इसके साथ ही एयरपोर्ट से इस्लामाबाद के रेड जोन तक जाने वाली सड़कों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, जिससे साफ है कि सुरक्षा इंतजाम काफी कड़े किए जा रहे हैं.
इससे पहले अप्रैल के दूसरे हफ्ते में इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच करीब 21 घंटे तक बातचीत हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया था. हालांकि पाकिस्तान की पहल पर 8 अप्रैल को दो हफ्ते का सीजफायर जरूर हुआ था, जिसने आगे बातचीत का रास्ता खोला था.