अमेरिका में रहने वाले जो भारतीय अमेरिकी नागरिकता लेने की सोच रहे हैं, उनके लिए अब यह काम पहले से ज्यादा खर्चीला हो सकता है. अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने एक नया प्रस्ताव रखा है जिसमें फीस माफी और कम फीस वाले विकल्प को हटाने की बात कही गई है. अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो नेचुरलाइजेशन के जरिए नागरिकता लेने की पूरी प्रक्रिया काफी महंगी हो जाएगी.
इस प्रस्ताव के तहत फॉर्म एन-400 की फीस बढ़ाई जाएगी. यह वही फॉर्म है जिसका इस्तेमाल ग्रीन कार्ड रखने वाले लोग अमेरिकी नागरिकता पाने के लिए करते हैं. अभी पेपर से अप्लाई करने पर यह फीस 760 डॉलर है, जिसे बढ़ाकर 1330 डॉलर किया जा सकता है. वहीं ऑनलाइन अप्लाई करने पर फीस 710 डॉलर से बढ़कर 1280 डॉलर हो सकती है, यानी फीस में करीब 75 से 80 फीसदी का इजाफा होने जा रहा है.
इसके अलावा फॉर्म एन-336 की फीस में भी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है, जिसका इस्तेमाल वे लोग करते हैं जिनकी नागरिकता का आवेदन खारिज हो जाता है और वे उसकी फिर से जांच चाहते हैं.
यह फैसला भारतीयों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है. साल 2024 में अमेरिकी नागरिकता पाने वालों में छह फीसदी भारतीय थे, जो मेक्सिको के 13 फीसदी के बाद दूसरे नंबर पर रहा. पिछले पांच साल में करीब 3.7 लाख भारतीयों ने नेचुरलाइजेशन के जरिए अमेरिकी नागरिकता हासिल की है.
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इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस प्रस्ताव से कम आमदनी वाले लोगों के लिए नागरिकता पाना मुश्किल हो जाएगा. डीएचएस के पूर्व अधिकारी एडम क्लेन ने कहा कि यह बड़ा बदलाव है और फीस में इतनी बढ़ोतरी से नागरिकता एक ऐसी सुविधा बन सकती है जो सीमित आमदनी वाले लोगों के लिए दूर हो जाए.
उनके मुताबिक नागरिकता मिलने से लोगों को आर्थिक तरक्की और समाज में भागीदारी का मौका मिलता है, इसलिए ज्यादा फीस इन मकसदों को कमजोर कर सकती है.
दूसरी तरफ होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने कहा कि मौजूदा फीस से आवेदनों पर होने वाला पूरा खर्च नहीं निकल पाता और यह बदलाव समय समय पर होने वाली फीस जांच का हिस्सा है.