इजरायल और हमास के बीच जारी भीषण जंग के साथ ही अब यूक्रेन ने एक बड़ा दावा किया है. यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने रूस के एक क्रूज मिसाइल कैरियर को इस्तेमाल में आने से पहले ही बड़ा नुकसान पहुंचाया है.
यूक्रेन की सेना के अफसरों के मुताबिक यूक्रेन ने एक ऐसे रूसी मिसाइल कैरियर पर हमला किया, जो ब्लैक सी के रूसी बेड़े में शामिल भी नहीं हुआ था. यूक्रेन की वायु सेना के कमांडर मायकोला ओलेशचुक ने कहा कि यूक्रेन ने क्रीमिया के रूसी कब्जे वाले प्रायद्वीप में जालिव शिपयार्ड को निशाना बनाया.
फ्रांस से मिली मिसाइलें की इस्तेमाल
यूक्रेन ने इस बात का संकेत दिया कि हमले के लिए फ्रांस की तरफ से दी घई SCALP मिसाइलों का इ्स्तेमाल किया गया. इन मिसाइलों को स्टॉर्म शैडो मिसाइल के रूप में भी जाना जाता है. ओलेशचुक ने बताया कि रूस ने अपने सबसे आधुनिक युद्धपोतों में से एक को जालिव में रखा था. यह युद्धपोत कैलिब्रे क्रूज मिसाइलों को ले जाने में सक्षम है. हालांकि, उन्होंने जहाज का नाम नहीं बताया.
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कुबूली बात!
बताया जा रहा है कि रूस के रक्षा मंत्रालय ने भी अपने एक जहाज के क्षतिग्रस्त होने की बात को स्वीकार किया है. रूस की तरफ से कहा गया है कि यूक्रेन ने शिपयार्ड पर 15 क्रूज मिसाइलों की बौछार की थी. मंत्रालय ने दावा किया कि रूस ने 13 मिसाइलों को मार गिराया. रूस के स्वीकार करने के बाद यूक्रेन के मंत्रिस्तरीय सलाहकार एंटोन गेराशचेंको ने एक फुटेज पोस्ट किया, जिसमें शिपयार्ड में एक बड़ी आग दिखाई गई है.
जहाज पर तीन बार हुए हमले
यूक्रेन की वायु सेना के कमांडर मायकोला ओलेशचुक ने कहा कि उनका ऑपरेशन सफल रहा. उन्होंने बताया कि छोटी मिसाइल ले जाने में सक्षम जहाज आस्कोल्ड पर कम से कम तीन हमले हुए. यूक्रेनी नौसैनिक कप्तान एंड्री रायजेंको ने दावा किया कि क्षतिग्रस्त जहाज संभवतः कार्वेट आस्कोल्ड था.
ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ
द कीव इंडिपेंडेंट ने रायजेंको के हवाले से कहा कि जहाज अब भी तैर रहा है, लेकिन उसका ऊपरी हिस्सा काफी क्षतिग्रस्त हो गया है. रूसी बेड़े की गतिविधियों पर नजर रखने वाली वेबसाइट ब्लैक सी फ्लीट ने बताया कि आस्कॉल्ड एक छोटा मिसाइल वाहक है, जो आठ कलिब्र क्रूज मिसाइलों को ले जाने में सक्षम है. इन मिसाइलों के जरिए यह 1,500 मील से अधिक दूर स्थित जमीनी लक्ष्यों पर हमला कर सकता है.