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वेश्‍यावृत्ति में शामिल हो रहे हैं इटली के स्‍कूलों में पढ़ने वाले बच्‍चे

एक सर्वे में पाया गया है कि इटली के सात में से एक स्‍कूल में पढ़ने वाले बच्‍चे वेश्‍यावृत्ति में शामिल हैं.

एक सर्वे में पाया गया है कि इटली के सात में से एक स्‍कूल में पढ़ने वाले बच्‍चे वेश्‍यावृत्ति में शामिल हैं.

सर्वे के मुताबिक इटली के स्‍कूल के 9 फीसदी बच्‍चे आए दिन क्‍लास में पढ़ने वाले बच्‍चों को अपना शरीर बेच रहे हैं. इस वेश्‍यावृत्ति में 14 साल तक के बच्‍चे शामिल हैं. फोटो: जी का जंजाल ना बन जाए कम उम्र में सेक्‍स

ये चौंका देने वाला खुलासा स्‍टूडेंट वेबसाइट Skuola.net द्वारा कराए गए एक ऑनलाइन पोल से हुआ है. इस सर्वे में इटली के लगभग 3,000 स्‍कूली बच्‍चों ने भाग लिया, जिनमें 14 फीसदी ने कबूल किया कि वे वेश्‍यावृत्ति में शामिल हैं.

सर्वे में शामिल लगभग 40 फीसदी बच्‍चों ने दावा किया कि उनके स्‍कूलों में वेश्‍यावृत्ति जैसी कोई चीज नहीं है, जबकि 46.5 फीसदी ने कहा कि उन्‍हें इस बारे में नहीं पता.

सर्वे के परिणामों के मुताबिक 14 फीसदी बच्‍चों ने कबूल किया वे सेक्‍स के लिए अपना शरीर क्‍लास में पढ़ने वाले बच्‍चों को बेच रहे हैं. यही नहीं जो बाल वेश्‍यावृत्ति के बारे में जानते हैं उनमें से एक चौथाई ने कहा कि उन्‍होंने पैसों के बदले कई बार अपने साथ पढ़ने वाली लड़कियों के साथ सेक्‍स किया है.

वहीं, पांच फीसदी ने कहा कि उन्‍होंने एक बार बाल वेश्‍या के साथ सेक्‍स किया है. सर्वे में शामिल 9 फीसदी स्‍कूली बच्‍चों ने कहा कि उन्‍होंने वेश्‍या को कभी पैसे नहीं दिए हैं, लेकिन वे ऐसा करना चाहेंगे.

आपको बता दें कि इटली ही एक ऐसा देश नहीं है, जहां हाल के सालों में बाल वेश्‍यावृत्ति एक गंभीर मुद्दा बन गया है. इंडोनेशिया में तो टीनएजर्स सेक्‍स के लिए 11 साल की बच्चियों को बेच रहे हैं. पैसों और ड्रग्‍स का लालच देकर इन बच्‍चों को वेश्‍यावृत्ति में धकेल दिया जाता है.

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