सऊदी अरब ने शुक्रवार को दक्षिणी यमन में यूएई समर्थित अलगाववादी संगठन साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) के लड़ाकों पर हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम सात लोगों की मौत हो गई. यह कार्रवाई ऐसे समय हुई, जब सऊदी समर्थित यमनी सरकार ने यूएई को देश से हटने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. यमन अब रियाद और अबू धाबी जैसे अरब देशों के बीच टकराव का एक केंद्र बन गया है.
सात की मौत, 20 घायल
न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, शुक्रवार को सऊदी लड़ाकू विमानों ने दक्षिणी यमन में साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) के ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई. वादी हदरमौत और हदरमौत रेगिस्तान क्षेत्र में STC के नेता मोहम्मद अब्दुलमलिक ने बताया कि अल-खसाह कैंप पर सात हवाई हमले किए गए.
इन हमलों में सात लोगों की जान गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए. इससे पहले 30 दिसंबर को सऊदी अरब ने यमन के बंदरगाह शहर मुकल्ला पर भी बमबारी की थी. सऊदी अरब का दावा था कि वहां यूएई की ओर से हथियारों की खेप भेजी जा रही थी.
क्या है विवाद?
सऊदी अरब और उसके सहयोगी राष्ट्रपति रशद अल-अलीमी की सरकार का समर्थन कर रहे हैं, जबकि यूएई, STC के साथ खड़ा है, जो दक्षिणी यमन को अलग देश बनाने की लड़ाई लड़ रहा है. STC ने दिसंबर में सऊदी सीमा से सटे हदरमौत और पड़ोसी महरा प्रांत के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था. रियाद इन बढ़तों को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानता है.
'यह अभियान तब तक नहीं रुकेगा...'
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार के हवाई हमले उस वक्त हुए, जब सऊदी गठबंधन की नेशनल शील्ड फोर्स ने हदरमौत में सैन्य ठिकानों पर 'शांतिपूर्ण तरीके' से नियंत्रण करने का अभियान शुरू किया. सऊदी सेना के करीबी एक सूत्र ने कहा, 'यह अभियान तब तक नहीं रुकेगा, जब तक STC इन दोनों प्रांतों से पीछे नहीं हटता.'