प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार रात सऊदी अरब के दौरे पर रवाना हो रहे हैं. पीएम मोदी मंगलवार (29 अक्टूबर) को दिन की शुरुआत सऊदी अरब के कुछ मंत्रियों से मुलाकात के साथ करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ अल सऊद के साथ द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे. इस मुलाकात में स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप काउंसिल से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे. सऊदी अरब ने अपने विजन-2030 के तहत रणनीतिक भागीदारी के लिए आठ देशों को चुना है. इनमें भारत, चीन, इंग्लैंड, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण कोरिया और जापान शामिल हैं.
पीएम मोदी के दौरे के दौरान ऊर्जा सेक्टर से जुड़े समझौतों के अलावा नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर फ़ंड में सऊदी अरब के निवेश को भी अंतिम रूप दिया जा सकता है. इस दौरे में वर्कर्स वेलफेयर से जुड़े मुद्दों पर भी बात हो सकती है. सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के इस साल फरवरी में भारत के दौरे से दोनों देशों के आपसी संबंधों को नया आयाम मिला. तब दोनों देशों ने स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप काउंसिल की उच्चतम स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग के लिए पीएम और क्राउन प्रिंस के स्तर पर व्यवस्था बनाने पर सहमति हुई. इस समझौते पर पीएम के मौजूदा दौरे पर हस्ताक्षर किए जाएंगे.
सऊदी अरब का 'विजन-2030'
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने 2016 में विजन-2030 नाम से एक महत्वाकांक्षी सुधार योजना की शुरुआत की. इस योजना का मकसद है सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना और तेल से हो रही कमाई पर निर्भरता कम करना. इस दिशा में काम करने के लिए सऊदी अरब ने कई देशों के साथ रणनीतिक हिस्सेदारी की है जिनमें भारत भी एक है.
सऊदी अरब ने अपने यहां विदेशी निवेश और व्यापार बढ़ाने के लिए अलग अलग स्तर पर कई सुधार किए हैं. हेल्थकेयर और हाउसिंग सेक्टर में निजीकरण से नौकरियों के अवसर बढ़े हैं जिससे विकास दर में अच्छी खासी वृद्धि देखी जा रही है. विजन-2030 का बड़ा उद्देश्य अन्य देशों के साथ साझेदारी कर सऊदी में बिजनेस को बढ़ावा देना है ताकि समृद्धि बढ़ाई जा सके.
रणनीतिक साझेदारी में तेजी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान भारत और सऊदी में कई समझौते होने की संभावना है. इनमें डिफेंस इंडस्ट्री डील, एनर्जी और सिविल एविएशन से जुड़े समझौते शामिल हैं. बता दें, दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध पहले से काफी मजबूत हुए हैं. प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद पाकिस्तान के साथ भारत के संबंधों में तनाव आया है.
पीएम मोदी के इस दौरे पर इंडिया-सऊदी अरब स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप काउंसिल के गठन की संभावना है. भारत की ओर से इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री मोदी करेंगे तो सऊदी की ओर से इसके अध्यक्ष किंग सलमान होंगे. इस काउंसिल का काम यह देखना होगा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी में समय के साथ मजबूती आए. इस काउंसिल का काम व्यापारिक और ऊर्जा समझौतों पर भी निगाह रखना होगा. इस काउंसिल के सदस्य पीएम मोदी और किंग सलमान को हर मामले की रिपोर्ट करेंगे.