ग्रीनलैंड पर अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति में चल रहे घमासान के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोप के जख्म कुरेद दिए हैं. रूस के राष्ट्रपति ने कहा है कि डेनमार्क ने हमेशा ग्रीनलैंड के साथ हमेशा एक कॉलोनी की तरह व्यवहार किया है और उसके साथ बहुत सख्ती और बेरहमी से पेश आया है. रूस के राष्ट्रपति ने बर्फ से भरे द्वीपों की खरीद बिक्री का कुछ ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए ग्रीनलैंड की कीमत लगाई है और कहा है कि आज के समय में इसकी कीमत 200 से 250 मिलियन डॉलर बैठती है. 250 मिलियन डॉलर रुपये में लगभग 23 अरब रुपये होते हैं. ये रकम एक बिलियन डॉलर से भी कम है.
यूक्रेन को लेकर यूरोपीय देशों से लंबे समय से टकराव की मुद्रा में रहे पुतिन ने कहा कि इस आईलैंड की ओनरशिप को लेकर चल रहे विवाद में रूस का कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा, "यह निश्चित रूप से हमसे जुड़ा हुआ नहीं है. मुझे लगता है कि वे इसे आपस में सुलझा लेंगे."
पुतिन ने ग्रीनलैंड की कीमत 23 अरब रुपये कैसे लगाई?
जिस आईलैंड पर कब्जा करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं, उसकी कीमत मात्र 23 अरब लगाकर पुतिन ने यूरोप को बता दिया है कि अमेरिका के सामने यूरोप का मोलभाव कितना कमजोर है.
पुतिन ने 21 जनवरी 2026 को रूसी सुरक्षा परिषद की बैठक में ग्रीनलैंड पर लंबी बातचीत की. उन्होंने कहा कि यह मुद्दा रूस से कोई सरोकार नहीं रखता है और इसे डेनमार्क और अमेरिका को स्वयं सुलझाना चाहिए.
रूसी राष्ट्रपति इतिहास के पन्नों को उलटने लगे और चले गए वर्ष 1867 में. पुतिन ने कहा कि 19वीं सदी में यानी कि 1867 में रूस ने अलास्का को यूनाइटेड स्टेट्स को बेच दिया था, और यूनाइटेड स्टेट्स ने इसे हमसे खरीद लिया था.
पुतिन ने कहा, "अगर मुझे ठीक से याद है तो अलास्का का एरिया लगभग 1.717 मिलियन स्क्वायर किलोमीटर है, हो सकता है इससे थोड़ा ज़्यादा. यूनाइटेड स्टेट्स ने अलास्का को हमसे 7.2 मिलियन US डॉलर में खरीदा था. इन सभी दशकों में महंगाई के हिसाब से एडजस्ट करने पर, आज की कीमतों में यह रकम लगभग 158 मिलियन डॉलर होगी."
पुतिन ने यूरोप पर तंज कसा और कहा, "ग्रीनलैंड का एरिया 2.166 मिलियन स्क्वायर किलोमीटर से थोड़ा ज़्यादा है." उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड और अलास्का के क्षेत्रफल में लगभग 449-450 हज़ार स्क्वायर किलोमीटर है. अगर हम इसकी तुलना अमेरिका द्वारा अलास्का के लिए चुकाई गई कीमत से करें तो ग्रीनलैंड की कीमत लगभग 200-250 मिलियन डॉलर के बीच होती है.
अमेरिका इतना खर्चा उठा सकता है
पुतिन ने कहा कि अगर उस समय के गोल्ड की कीमतों से इसकी कीमत तय करें तो ग्रीनलैंड का मूल्य लगभग 1 बिलियन डॉलर के करीब होगा. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इतना खर्च उठा सकता है.
आरटी (Russia Today) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पुतिन ने यह भी कहा कि अमेरिका ने डेनमार्क से तब वर्जिन आईलैंड भी खरीदा था. उन्होंने कहा, "सबसे जरूरी बात यह है कि डेनमार्क और यूनाइटेड स्टेट्स का भी इस बारे में अपना अनुभव है. 1917 में डेनमार्क ने वर्जिन आइलैंड्स अमेरिका को बेच दिया था. यह भी एक उदाहरण है."
पुतिन ने डेनमार्क को चिढ़ाते हुए कहा कि डेनमार्क ने हमेशा ग्रीनलैंड के साथ एक कॉलोनी जैसा बर्ताव किया है, और उसके साथ काफी सख्ती से, बर्ताव किया है.
पुतिन ने कैसे यूरोप के जख्मों पर नकम छिड़का है
जिस आईलैंड के लिए दुनिया का सर्वोच्च नेता कुछ भी करने को तैयार है, उसी आईलैंड की कीमत दुनिया के दूसरे सबसे शक्तिशाली नेता ने 23 अरब रुपये लगाकर यूरोप के जख्मों पर नमक रगड़ दिया है. पुतिन का ये बयान ट्रंप की मांग को सामान्य बनाता है, जैसे संप्रभुताओं का कोई मतलब नहीं हो और क्षेत्रों की खरीद-फरोख्त सामान्य बात हो. पुतिन ने ग्रीनलैंड की मामूली कीमत बताकर यूरोप को चिढ़ाया है, जैसे ग्रीनलैंड कोई सस्ता सौदा हो, जबकि यूरोप इसे संप्रभुता का मुद्दा मानता है.
दरअसल पुतिन यूरोप और अमेरिका के झगड़े को इत्मीनान से देख रहे हैं. क्योंकि इसी यूरोप के नेताओं से पिछले 4 सालों से यूक्रेन युद्ध में पुतिन को परेशान कर रखा है.