रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने वैश्विक कूटनीति और सुरक्षा को लेकर एक बहुत ही गंभीर और स्पष्ट संदेश साझा किया है. जेलेंस्की ने माना कि यह जगजाहिर है कि इस वक्त अमेरिका और अमेरिकी राष्ट्रपति का सबसे ज्यादा ध्यान ईरान में चल रहे युद्ध की ओर है. लेकिन, उन्होंने भरोसे के साथ कहा कि अमेरिका और वहां की जनता के लिए यूक्रेन में शांति बहाल करना अभी भी एक बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है.
जेलेंस्की ने अपनी बात में इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका अभी भी कूटनीतिक रूप से सक्रिय है. उनका यह बयान उन चर्चाओं के बीच आया है जिनमें कहा जा रहा था कि मिडिल ईस्ट के संकट की वजह से यूक्रेन की मदद में कमी आ सकती है.
रूस की जंग से बदला युद्ध का तरीका, ड्रोन बने बड़ा खतरा
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस की आक्रामकता को लेकर दुनिया को चेतावनी देते हुए कहा कि इस युद्ध ने वैश्विक स्तर पर 'युद्ध की तकनीक' को खतरनाक तरीके से बदल दिया है. जेलेंस्की के मुताबिक, रूस के हमलों की वजह से तबाही और मौतों का पैमाना बहुत बढ़ गया है. इसमें सबसे बड़ा खतरा 'ड्रोन' बनकर उभरा है. रूस जिस तरह से इन तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है, वह न केवल यूक्रेन बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए एक नई चुनौती है.
रूस को उसी की तकनीक में जवाब देने के लिए जेलेंस्की ने अपने मास्टरप्लान का खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि इस वक्त करीब 20 देश यूक्रेन के साथ अलग-अलग स्तर पर ड्रोन डील को लेकर काम कर रहे हैं. इनमें से कई देशों के साथ राजनीतिक सहमति बन चुकी है और जल्द ही सुरक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे.
इसी कड़ी में यूक्रेन ने कनाडा के साथ भी सुरक्षा सहयोग का विस्तार करते हुए ड्रोन डील की तैयारी शुरू कर दी है. जेलेंस्की का लक्ष्य सिर्फ विदेशी मदद तक सीमित नहीं है, वे अमेरिका और यूरोप के साथ मिलकर यूक्रेन की ही धरती पर एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलें बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं, ताकि देश के एयर डिफेंस को आत्मनिर्भर और अभेद्य बनाया जा सके.