बहरीन दौरे पर गए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज शहजादे शेख सलमान बिन हमद अल खलीफा से मुलाकात की. इसके बाद प्रिंस शेख खालिद बिन हमद अल खलीफा से अल वदी पैलेस में मुलाकात की. इस दौरान राहुल ने उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ समेत जेल में लिखी गई कई किताबें भेंट की. भारतीय समय के अनुसार रात 8.30 बजे राहुल गांधी भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे.
बहरीन के राजकीय अतिथि हैं राहुल गांधी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तर्ज पर राहुल गांधी भी कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद अपने पहले विदेश दौरे को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस पार्टी भी राहुल के इस दौरे का जोर-शोर से प्रचार कर रही है. राहुल गांधी बहरीन में राजकीय अतिथि हैं. उन्होंने बहरीन के विदेश मंत्री शेख खालिद बिन अहमद अल खलीफा से भी मुलाकात की.
भारतीय मूल के कारोबारियों को करेंगे संबोधित) along with
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राहुल यहां गांधी ग्लोबल ऑर्गनाइजेशन ऑफ पीपुल ऑफ इंडिया ओरिजिन (जीओपीआईओ) की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के विदाई सत्र में हिस्सा लेंगे. इस कार्यक्रम में 50 देशों के प्रतिनिधि शिरकत करेंगे. राहुल गांधी के कल भारतीय मूल के कारोबारियों से भी बातचीत करने का कार्यक्रम है. अध्यक्ष पद संभालने के बाद से राहुल का यह पहला विदेशी दौरा है.
भाजपा ने साधा निशाना) and the Foreign Minister HE Shaikh Khalid bin Ahmed Al Khalifa (). The Crown Prince congratulated Mr. Gandhi on becoming Congress President
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भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता जेवीएल नरसिम्हा राव ने राहुल पर हमला किया है. सोमवार सुबह राव ने ट्वीट कर कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल कर रहे हैं. पहले उन्होंने कॉलेज जाना शुरू किया, उसके बाद मंदिर और अब एनआरआई से वार्तालाप कर रहे हैं.
नकल का लेते हैं आनंद
राव ने कहा कि लोग अक्सर नकल का आनंद लेते हैं लेकिन वास्तविक चीज़ के लिए सीटी बजाते है, वोट देते हैं. राव ने कहा कि राजनीति में लोग तीन 'सी' की तलाश में रहते हैं. क्रेडिबिलिटी, कॉनविक्शन और कॉम्पिटेन्स. इन तीन में से कोई भी राहुल के पास नहीं है.
राहुल सोमवार को यहां मनामा में 50 देशों से भारतीय मूल के बिजनेस लीडरों से मुलाकात और भारत की अर्थव्यवस्था व आर्थिक मंदी पर चर्चा करेंगे. राहुल का बहरीन दौरा सिर्फ खाड़ी देशों में रह रहे NRI से मुलाकात ही नहीं है, बल्कि इसके सियासी मायने भी हैं. राहुल ने जिस प्रकार अपनी अमेरिका दौरे के जरिए गुजरात की सियासी बिसात बिछाई थी. राहुल ने उसी तर्ज पर बहरीन पहुंचे हैं, जिसे कर्नाटक कनेक्शन के तौर पर देखा जा रहा है. अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी की यह पहली विदेश यात्रा है. राहुल गांधी के साथ प्रवासी कांग्रेस अध्यक्ष सैम पित्रोदा और पूर्व कांग्रेस सांसद मधु गौड़ भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे.
कांग्रेस राहुल का दौरा भुनाने में जुटीCP Rahul Gandhi meets H.R.H Prince Shaikh Khalid bin Hamad Al Khalifa () at the Al Wadi Palace. They spoke about Sports in Bahrain in general (Horse endurance) and competing in Iron Man. They also plan to develop sports and cricket together
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बहरीन में कांग्रेस अध्यक्ष के दौरे का पूरा इंतजाम देख रहे कांग्रेस नेता मधु गौड़ ने बताया कि ये ये अत्यंत गौरव का क्षण है क्योंकि राहुल जी GOPIO को संबोधित करेंगे. GOPIO भारतीय व्यापारियों के लिए एक ग्लोबल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म है, जहां 50 देशों से NRI लोग और भारतीय बिजनेस दिग्गज मिलेंगे. इस कार्यक्रम में करीब 1200 प्रतिनिधि शामिल होंगे.
कर्नाटक चुनाव पर पड़ सकता है असर
इससे पहले राहुल ने अपनी यात्रा शुरू करने से पहले एक ट्वीट में कहा, 'अनिवासी भारतीय हमारी सौम्य ताकत के वास्तविक प्रतिनिधि और विश्व में हमारे देश के दूत होते हैं. बहरीन में अपने देशवासियों के साथ मुलाकात और उन्हें संबोधित करने को लेकर आशान्वित हूं.' मध्य पूर्व और खाड़ी के देशों में करीब 35 लाख भारतीय हैं, जो विशेष रूप से दक्षिण भारत से पहुंचे हैं. ऐसे में राहुल के इस दौरे का राजनीतिक महत्व भी है, जिसका असर कर्नाटक चुनाव पर पड़ सकता है.