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LNG टैंकर धड़ाधड़ पहुंच रहे पाकिस्तान! ईरान ने क्यों दी होर्मुज में 'स्पेशल एंट्री'

पाकिस्तान कच्चे तेल और गैस की भारी कमी से जूझ रहा है. ऐसी स्थिति में पाकिस्तान की सरकार ने कतर के साथ एक समझौता किया है जिसके तहत पाकिस्तान को गैस की सप्लाई की जा रही है. इसमें पाकिस्तान को ईरान की तरफ से भी काफी सहयोग मिल रहा है.

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पाकिस्तान को जल्द ही कतर से गैस की दूसरी खेप मिलने वाली है
पाकिस्तान को जल्द ही कतर से गैस की दूसरी खेप मिलने वाली है

ईरान जंग के बीच पाकिस्तान कच्चे तेल और गैस की भारी किल्लत का सामना कर रहा है. इस बीच उसे बड़ी राहत मिलती दिख रही है क्योंकि कतर से गैस से भरा एक कार्गो जहाज पाकिस्तान पहुंच रहा है. ईरान और पाकिस्तान के बीच हुए एक विशेष इंतजाम के तहत पहला कार्गो गुजरने के कुछ दिनों बाद कतर का दूसरा LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) टैंकर भी होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा है. इससे यह साफ हो रहा है कि होर्मुज में बढ़े तनाव के बीच भी ईरान अपनी पसंद के जहाजों को स्ट्रेट पार करने की इजाजत दे रहा है.

LSEG (London Stock Exchange Group) के शिपिंग डेटा के मुताबिक, 1,74,000 क्यूबिक मीटर क्षमता वाला टैंकर ‘मिहजेम’ रास लफान बंदरगाह से रवाना हुआ है और पाकिस्तान के पोर्ट कासिम की ओर बढ़ रहा है. उम्मीद है कि मंगलवार 12 मई को यह टैंकर कराची स्थित पोर्ट कासिम पहुंच जाएगा.

ईरान युद्ध शुरू होने के बाद यह दूसरा मौका होगा जब कतर का कोई LNG टैंकर होर्मुज स्ट्रेट पार करेगा.

इससे पहले शनिवार को LNG टैंकर 'अल खरैतियात’ ने ईरान की मंजूरी वाले उत्तरी रास्ते से होर्मुज पार करना शुरू किया था और रविवार को वो होर्मुज पार करने में सफल रहा था.

9 मई को मामले से परिचित दो लोगों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया था कि यह LNG कतर और पाकिस्तान की सरकार के बीच हुए समझौते के तहत बेची जा रही है. पाकिस्तान इस युद्ध में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. सूत्रों के अनुसार, ईरान ने कतर और पाकिस्तान के साथ भरोसा मजबूत करने के लिए इस खेप को मंजूरी दी थी.

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सूत्रों ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में कतर से LNG लेकर दो और टैंकर पाकिस्तान की ओर रवाना हो सकते हैं.

गैस की भारी किल्लत से जूझ रहा पाकिस्तान

एक सूत्र ने बताया था कि पाकिस्तान गैस की भारी कमी से जूझ रहा है. इसी वजह से इस्लामाबाद ने ईरान के साथ बातचीत की ताकि सीमित संख्या में LNG टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति मिल सके.

सूत्र ने कहा कि ईरान ने मदद करने पर सहमति जताई और दोनों पक्ष पाकिस्तान-कतर गैस समझौते के तहत भेजे जा रहे पहले जहाज की सुरक्षित आवाजाही के लिए तालमेल कर रहे हैं. कतर पाकिस्तान का सबसे बड़ा LNG सप्लायर है.

इस महीने की शुरुआत में यूएई की सरकारी तेल कंपनी ADNOC ने भी अपने दो LNG टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से निकालने में सफलता हासिल की थी. शिपिंग डेटा के अनुसार, इन जहाजों के ट्रैकिंग सिग्नल बंद कर दिए गए थे और इस तरह से उन्होंने होर्मुज पार कर लिया.

कतर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LNG निर्यातक है और उसकी सप्लाई एशियाई देशों, ज्यादातर भारत और चीन को जाती है. ईरानी हमलों की वजह से कतर की LNG निर्यात क्षमता का करीब 17 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हुआ है. मरम्मत के काम के चलते हर साल 1.28 करोड़ मीट्रिक टन LNG क्षमता अगले तीन से पांच साल तक प्रभावित रह सकती है.

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