मालदीव की चीन समर्थक सरकार के खिलाफ वहां के विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है. वहां की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के खिलाफ अभियोग चलाने की पूरी तैयारी कर चुकी है जिसे लेकर अब गठबंधन पार्टी के नेता सामने आ गए हैं. गठबंधन में शामिल प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ मालदीव (PPM) और पीपुल्स नेशनल कांग्रेस (PNC) ने कहा है कि वो राष्ट्रपति मुइज्जू को हटाने के प्रयासों को संसद के जरिए आगे नहीं बढ़ने देंगे.
विपक्षी एमडीपी के पास संसद में बहुमत है और सोमवार को सामने आई रिपोर्टों में ऐसा कहा गया कि पार्टी ने महाभियोग के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने की खातिर सांसदों के हस्ताक्षर पर्याप्त संख्या में जमा कर लिए हैं.
'मुइज्जू को हटाने की सभी कोशिशें रोकी जाएंगी'
सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीपीएम संसदीय दल के नेता और Eydhafushi क्षेत्र के सांसद अहमद सलीम ने कहा कि गठबंधन राष्ट्रपति मुइज्जू को पद से हटाने के एमडीपी के सभी प्रयासों को रोकेगा.
मालदीव की स्थानीय मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक, अहमद सलीम ने कहा, 'हम उन्हें ऐसा करने का कोई भी अवसर नहीं देंगे. उन्हें राष्ट्रपति को पद से हटाने के बारे में सोचने से पहले भी हमारी लाश से गुजरना होगा.'
मालदीव की गठबंधन सरकार ने दावा किया है कि एमडीपी के पास भले ही संसद में बहुमत है लेकिन वो राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ने देंगे.
राष्ट्रपति मुइज्जू के खिलाफ महाभियोग लाने की खबर से ठीक एक दिन पहले रविवार को मालदीव की संसद में हिंसा देखने को मिली थी. सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद आपस में भिड़ गए और संसद अखाड़ा बन गया.
मालदीव की संसद में हिंसा तब शुरू हुई जब एमडीपी ने मुइज्जू कैबिनेट के चार सांसदों के लिए संसदीय मंजूरी रोकने का फैसला किया. एमडीपी ने चार सांसदों की संसदीय मंजूरी के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू ही नहीं होने दी जिससे दोनों पक्ष के सांसद आपस में लड़ पड़े.
एमडीपी के पास महाभियोग के लिए पर्याप्त हस्ताक्षर
मालदीव के अखबार Sun.com ने एमडीपी के एक सांसद के हवाले से लिखा, 'एमडीपी ने अपने सहयोगी डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर महाभियोग की प्रक्रिया को शुरू करने के लिए पर्याप्त हस्ताक्षर जमा कर लिए हैं. हालांकि, अभी तक उन्होंने इसे संसद में पेश नहीं किया है.'
सोमवार को एमडीपी की संसदीय दल की बैठक हुई थी जिसमें मुइज्जू के खिलाफ महाभियोग लाने पर सहमति बनी थी.
पिछले साल सितंबर में हुए चुनावों में 45 साल के मुइज्जू ने भारत के प्रति दोस्ताना रवैया रखने वाले इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को हरा दिया था.
महाभियोग को लेकर सत्तापक्ष कर रहा ये दावा
सत्तापक्ष के सांसद अहमद तोरिक ने कहा कि पिछले राष्ट्रपति चुनावों में मोहम्मद मुइज्जू की जीत से साबित हो गया है कि देश एमडीपी की तरह नहीं सोचता. तोरिक ने मुइज्जू को हटाने के एमडीपी के प्रयासों को निरर्थक बताया और कहा कि एमडीपी के कुछ सांसदों ने कैबिनेट की मंजूरी पर सोमवार को हुए मतदान के दौरान भी पार्टी की व्हिप लाइन के खिलाफ मतदान किया था.
उन्होंने कहा, 'यह अपने आप में साबित करता है कि एमडीपी के पास बहुमत नहीं है.'
मालदीव में किसी भी मौजूदा राष्ट्रपति को हटाने के लिए संसद में न्यूनतम 53 वोटों की जरूरत होती है. तोरिक ने दावा किया कि एमडीपी और डेमोक्रेट्स के सांसद मिल भी जाएं तब भी राष्ट्रपति को हटाने के लिए पर्याप्त बहुमत नहीं होगा. उन्होंने कहा कि एमडीपी और डेमोक्रेट्स दोनों ही पार्टियों में कुछ ऐसे सांसद हैं जो महाभियोग के खिलाफ जाएंगे.