प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को सिलिकॉन वैली में होंगे. किसी भारतीय
प्रधानमंत्री का 30 साल में यह पहला दौरा है. इस दौरान मोदी माइक्रोसॉफ्ट
के सीईओ सत्या नडेला, गूगल के सुंदर पिचई और एपल के सीईओ टिम कुक से
मिलेंगे. जाहिर है सिलिकॉन वैली है तो मोदी का फोकस भी टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर रहेगा.
मोदी इन तीनों से अलग-अलग अकेले में मुलाकात करेंगे. संयुक्त राष्ट्र में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि UN की विश्वसनीयता बरकरार रखने के लिए इसमें सुधार अनिवार्य है. मोदी ने कहा, 'आज हम सभी मानवता की दिशा तय करने के लिए जमा हुए हैं.'
इससे पहले शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में सतत विकास पर भारत का पक्ष रखते हुए ने कहा, 'मैं उस संस्कृति का हिस्सा हूं, जहां धरती को मां कहते हैं. यह धरती हमारी मां है और हम सभी इसके पुत्र हैं.' उन्होंने एक संस्कृत सुभाषित का जिक्र करते हुए कहा, 'उदार चरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्.'
मोदी ने कहा कि आज के दौर में समावेशी विकास पूरी दुनिया का दायित्व है. उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा के लिए ऊर्जा की खपत में कमी किए जाने और जीवनशैली के बदलाव किए जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि विकसित देशों को जलवायु परिवर्तन पर अपनी वित्तीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करना चाहिए.
We are all dreaming of a world that is free from poverty: PM at
— PMO India (@PMOIndia)
The world must be freedom and development must be sustainable: PM at
— PMO India (@PMOIndia)
दुनिया में गरीबी की जटिल समस्या का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, 'गरीबी मिटाना सभी का दायित्व है. अंत्योदय हमारा मंत्र है. हम सबका सपना गरीबी मुक्त विश्व है.' उन्होंने कहा कि भारत सबको सशक्त बनाने के मिशन पर आगे बढ़ा है. भारत में गरीबी मिटाने के साथ-साथ लोगों को पेंशन और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
लैंगिक भेदभाव खत्म करने के महत्व पर मोदी ने कहा, 'हमने बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ का मंत्र दिया, जिसके अच्छे नतीजे देखने को मिल रहे हैं.'
जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए विकसित देशों से प्रधानमंत्री ने कहा कि उम्मीद है विकसित देश जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वित्तीय जिम्मेदारियों को निभाएंगे. PM मोदी ने नवीकरणीय ऊर्जा के विकल्प अपनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारत ने इस दिशा में बड़ी पहल की है.
पीएम मोदी ने शुक्रवार रात सतत विकास पर शिखर सम्मेलन को संबोधित किया, जिसकी मेजबानी संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की-मून ने की.
इससे पहले, अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच पीएम मोदी कई देशों के नेताओं के साथ मीटिंग कर चुके हैं. उनकी इस तरह की मीटिंग चलने वाली है.
UNSC की स्थाई सदस्यता के लिए कोशिश
ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की स्थायी सदस्यता हासिल करने के अपने लक्ष्य के तहत दुनिया के कई देश के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं. उन्होंने गुरुवार को बांग्लादेश, गुयाना, सेंट विंसेंट एंड ग्रेनाडाइंस के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें की.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि अपनी मुलाकात के दौरान बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सुरक्षा परिषद में सुधार का समर्थन किया. प्रवक्ता ने कहा कि यह 'अच्छी मुलाकात' थी. भारत व बांग्लादेश के नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा की. उन्होंने दोनों देशों के बीच हालिया जमीन हस्तांतरण समझौते पर संतोष जताया.
छोटे देशों की भूमिका भी कम नहीं
करीब 1,00,000 की आबादी वाले कैरिबियाई देश सेंट विंसेंट एंड ग्रेनाडाइंस का संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक वोट है. ऐसे देश अहम निर्णयों में अहम भूमिका निभा सकते हैं. ऐसे छोटे राष्ट्र भारत की सुरक्षा परिषद सदस्यता संबंधी कूटनीति के एक महत्वपूर्ण अंग हैं. मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में सुधार प्रक्रिया को अपना समर्थन देने के लिए इस देश के प्रधानमंत्री राल्फा गोंजाल्विस का आभार जताया.
भारत भी मदद करने को तैयार
मोदी और गोंजाल्विस ने द्विपक्षीय संबंधों के विकास और सेंट विंसेंट एंड ग्रेनाडाइंस के विकास में भारत की मदद के बारे में बातचीत की. मोदी ने गोंजाल्विस को भारत आने का निमंत्रण दिया.
My meetings continued with world leaders, business persons & media CEOs. Here are some photos.
— Narendra Modi (@narendramodi)